17 दिन चला था रेस्क्यू ऑपरेशन
बताया कि इस बार सुरंग के भीतर की भूगर्भीय संरचना की भी निगरानी की जा रही है। एनएचआईडीसीएल के विशेषज्ञ सुरंग निर्माण के दौरान निगरानी करेंगे। किसी सूरत में लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। गौरतलब है कि 12 नवंबर को सिलक्यारा सुरंग में मलबा गिरने से 41 मजदूर भीतर फंस गए थे। इन सभी को 17 दिन लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसके बाद मंत्रालय ने जांच बैठा दी थी। जांच समिति ने दस दिन के भीतर मंत्रालय को प्राथमिक जांच रिपोर्ट सौंप दी थी। अब विस्तृत जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।
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करीब 480 मीटर हिस्सा बचा
सिलक्यारा सुरंग साढ़े चार किलोमीटर लंबी है। सुरंग में बीच का करीब 480 मीटर हिस्सा बचा है। इसका निर्माण होने के बाद सुरंग तैयार हो जाएगी। बताया जा रहा है कि एनएचआईडीसीएल ने इस सुरंग का निर्माण इसी साल पूरा करने का लक्ष्य रखा है।