वहीं दूसरी ओर हर्षिल घाटी के गांवों और गंगोत्री धाम में भी रसोई गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धाम के तीर्थ पुरोहित सुधांशु सेमवाल का कहना है कि रसोई गैस सिलिंडर नहीं होने के कारण लोगों को चूल्हे पर लकड़ी का इंतजाम कर भोजन बनाना पड़ रहा है। वहीं डीएम प्रशांत आर्य का कहना है कि हर्षिल क्षेत्र में पूर्व से राशन और रसोई गैस सिलिंडर भिजवा रहे हैं। वहीं खरसाली आदि क्षेत्रों के लिए आज से रसद पहुंचनी शुरू हो गई है।