पैदल मार्ग के निर्माण के नाम पर भी विकासखंड कार्यालय की ओर से करीब पांच लाख की धनराशि खर्च की गई थी। अब स्थिति यह है कि लोगों को बैंक, तहसील और बाजार के काम से आने के लिए जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि भूस्खलन वाले क्षेत्र में मलबा और बोल्डरों के दौरान अगर नियंत्रण खो दिया तो करीब दो सौ मीटर गहरी खाई में गिरने का भय बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि वह वर्षों से इस परेशानी का झेल रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गांव में कोई बीमार और गर्भवती को अस्पताल पहुंचाना हो तो उसके लिए कहीं पर पैदल मार्ग भी नहीं बचा हुआ है। साथ ही मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है। बीते रविवार को वहां पर भूस्खलन होने से एक युवक बाल-बाल बचा। कहा कि अब बरसात के बाद उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।