मोरी विकासखंड में सांकरी-ओसला रोड पर गिंयागाड का जलस्तर बढ़ने के कारण वहां पर ग्रामीणों की ओर से आवाजाही के लिए बनाई गई अस्थाई पुलिया भी बह गई। इस दौरान वहां से जा रहे ओसला निवासी खजान सिंह पुलिया के साथ बह गए। करीब बीस से तीस मीटर बहने के बाद किसी तरीके से उन्होंने पेड़ की टहनी पकड़कर अपने आप को बचाया। लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिया बहने के कारण लोग अब पेड़ के सहारे तेज बहाव के बीच आवाजाही करने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासी नौनियाल सिंह, राजपाल रावत, यश पंवार ने बताया कि घायल खजान सिंह को निजि वाहन से मोरी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद पुरोला भेजा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि गियांगाड में पिछले दो माह से यही स्थिति बनी हुई है। बरसात बढ़ने के साथ ही वहां पर जलस्तर भी बढ़ रहा है। पहले लोग किसी प्रकार जान जोखिम में डालकर वहां पर आवाजाही कर रहे थे। लेकिन अब स्थितियां ओर भी विकट हो गई है।
Uttarakhand: भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी; सात जिलों में प्रशासन हाई अलर्ट पर, रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद
बृहस्पतिवार को पुलिया बहने के बाद जब दर्जनों लोग नदी के दोनों ओर फंस गए। तो उसके बाद लोगों ने वहां पर टूटे हुए पेड़ को नदी में डालकर तेज बहाव के बीच आवाजाही करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि बड़ासू पट्टी के ओसला, गंगाड़ सहित ढाटमीर और पवाणी गांव के लोगों को अब पूरी तहर विकासखंड मुख्यालय से संपर्क कट गया है। शासन-प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को उनके हाल पर ही छोड़ दिया गया है। किसी के बीमार होने पर उसे अस्पताल भी नहीं ले जा सकते है। ऐसे में किसी की भी मौत हो सकती है।