पुलिस के अनुसार आरोपी विष्णु चौहान नशे का आदी है और पहले भी वर्षा के साथ मारपीट कर चुका है। लगभग छह महीने पहले भी यह मामला मनेरी थाने में आया था। उस समय वर्षा अपने दो बच्चों के साथ अपने मायके, नाल्ड गांव, चली गई थी। हालांकि जुलाई में हुए पंचायत चुनाव से ठीक पहले दोनों परिवारों के बीच समझौता हुआ था जिसके बाद वर्षा अपने ससुराल बयाणा वापस आ गई थी। सभी को उम्मीद थी कि अब सब ठीक हो जाएगा।
वर्षा के पिता चत्तर सिंह पंवार ने बताया कि उनकी सात बेटियां हैं। उन्होंने अपनी पांचवीं बेटी वर्षा की शादी दस साल पहले विष्णु से की थी। बीच में दोनों में विवाद हुआ था लेकिन पंचायत चुनाव से पहले उन्होंने बेटी को यह सोचकर वापस ससुराल भेजा था कि अब सब ठीक हो जाएगा लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि डेढ़ महीने बाद ही उन्हें अपनी जवान बेटी का लहूलुहान शव देखना पड़ेगा।
वर्षा के दो मासूम बच्चे हैं जिनकी उम्र सात और छह साल है। वर्षा की मौत के बाद उनकी परवरिश की चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी विष्णु चौहान की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं।