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Chardham Yatra: यमुनोत्री पैदल मार्ग पर हादसा, अचानक दरका पहाड़, मलबे में दबे कई यात्री, किशोरी समेत दो की मौत

Mon, 23 Jun 2025 04:46 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, बड़कोट(उत्तरकाशी)

सार

Char Dham Yatra 2025: यमुनोत्री धाम के पैदल पर मार्ग पर अचानक पहाड़ी से भूस्खलन होने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक बच्ची का शव बरामद हुआ है।
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जानकीचट्टी यमुनोत्रीपैदल मार्ग पर दरका पहाड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सोमवार दोपहर जानकीचट्टी-यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर भूस्खलन होने से कई लोग दब गए। सूचना पर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों ने बचाव अभियान शुरू कर मुंबई निवासी एक यात्री को बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा। घटना में एक किशोरी की मौत हो गई। वहीं, एनडीआरएफ से मिली जानकारी के अनुसार घटना स्थल से एक और शव बोल्डर और मलबे के नीचे से निकाला गया है। अन्य दबे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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जानकारी के अनुसार जानकीचट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग पर नौकैंची के समीप अचानक बोल्डर और मलबा गिर गया। उस दौरान पैदल मार्ग पर जा रहे करीब कई लोग बोल्डर के साथ खाई में जा गिरे। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बचाव अभियान के दौरान मलबे और बोल्डर के नीचे दबे मुंबई निवासी रशिक को बाहर निकालकर उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी भेजा। उनके सिर और हाथ पर चोट लगी है और वह खतरे से बाहर हैं।

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रशिक ने बताया कि उनका एक दोस्त भी बोल्डर की चपेट में आया है।जबकि एक 12 वर्षीय किशोरी की बोल्डर की चपेट में आने से मौत हो गई, उसकी पहचान नहीं हो पाई है। मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है। डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि अभी तक तीन लोगों की पुष्टि हुई है। उसमें से एक घायल का उपचार चल रहा है। एक बच्ची का शव मिला है। वहीं घायल के अनुसार उसका एक साथी भी मलबे में दबा है।

एसडीआरएफ ने यात्रियों को निकाला

सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने रास्ते में फंसे यात्रियों को भूस्खलन वाले क्षेत्र से बाहर निकाला।

26 जून तक प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान विभाग ने 22 से 26 जून तक राज्य के देहरादून, नैनीताल, टिहरी, चंपावत में कहीं-कहीं पर भारी वर्षा होने की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर यूएसडीएमए के अधीन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसओईसी) ने संबंधित जिलों के डीएम को पत्र भेजकर सावधानी बरतने को कहा है। इसमें आपदा प्रबंधन आईआरएस के नामित अधिकारी व विभागीय नोडल अधिकारी अलर्ट पर रहेंगे।
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बरसात में सुक्की के सात नाले गंगोत्री हाईवे पर बनेंगे मुसीबत

गंगोत्री हाईवे पर सुक्की के सात नालों पर वर्षों से बॉर्डर रोड ऑर्गनाईजेशन की ओर से सुधारीकरण और सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए हैं। इस कारण यह नाले हर बरसात में सड़क पर आवाजाही में मुसीबत बनते हैं। इस संबंध में कई बार स्थानीय प्रशासन और बीआरओ से कई बार वहां पर सुरक्षात्मक कार्यों की मांग कर चुके हैं।

स्थानीय निवासी संजय राणा, मनोज नेगी, भागवत पंवार, दीपक राणा, अजय नेगी आदि का कहना है कि हर्षिल घाटी सहित गंगोत्री और भारत-चीन अंतराष्ट्रीय सीमा को जोड़ने का गंगोत्री हाईवे एक मात्र साधन है। इसमें हर्षिल घाटी शुरू होने से पहले ही हाईवे पर सात नाले हर वर्ष बरसात में मुसीबत बनते हैं। इस कारण चारधाम यात्रा के यात्रियों सहित आठ गांव के ग्रामीणों और सेना व आईटीबीपी के जवानों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

क्योंकि कई बार बरसात में इन नालों में जलस्तर बढ़ने और मलबा आने के कारण यह कई दिनों तक सड़क बंद रहती है। क्योंकि सड़क पर सात स्थानों पर एक साथ मलबा आने के कारण मशीनरी को इसे साफ करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर कई बार बारिश होने पर इन नालों में जलस्तर बढ़ने के कारण दोपहिया और छोटे वाहनों के बहने का खतरा भी बना रहता है। इसलिए स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और बीआरओ से इन सात नालों में सुरक्षात्मक कार्य करने की मांग की है।
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