बीते रविवार को आराकोट क्षेत्र के गांवों में बादल फटने से मची तबाही में इन गांवों के सड़क, पुल एवं संपर्क मार्ग तबाह हो चुके हैं। इस कारण सड़क मार्ग से इन गांवों तक राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही है। सरकार द्वारा यहां हेलीकॉप्टरों के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
आराकोट और मोरी में बेस बनाकर राहत सामग्री भिजवाई जा रही है। बुधवार को मोरी बेस से हैरिटेज कंपनी का हेलीकॉप्टर आराकोट क्षेत्र के अलग-थलग पड़े गांवों में राहत सामग्री पहुंचा रहा था। तीन राउंड में टिकोची, किराणू और कलीच तक राहत सामग्री पहुंचाने के बाद दोपहर करीब 12 बजे यह हेलीकॉप्टर मोल्डी गांव राहत सामग्री पहुंचाने गया था।
गांव में राहत सामग्री छोड़ने के बाद यह हेलीकॉप्टर लौटते समय कलीच गांव से मोल्डी में सड़क तक सेब के ढुलान के लिए लगी ट्रॉली के तारों में उलझकर क्रैश हो गया। हेलीकॉप्टर तेज धमाके के साथ जंगल में गिरा और इसमें आग लग गई। आसपास के क्षेत्र में तत्काल ही इस हादसे का पता चल गया। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आईटीबीपी की रेस्क्यू टीमें मौके तक पहुंच गई।
इस हादसे में हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन रंजीव लाल (53) पुत्र चरणजीत लाल निवासी सुखदेव विहार, दिल्ली, इंजीनियर शैलेश कुमार सिंह (37) निवासी कोलकाता और राजपाल राणा (32) पुत्र विजय सिंह निवासी खरसाली, यमुनोत्री (उत्तरकाशी) की मौके पर ही मौत हो गई।