मलबे को हटाने के लिए पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल करने का फैसला लिया गया है। इससे नदी का प्रवाह सामान्य हो सकेगा। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय राज ने बताया कि पोकलेन के माध्यम से मलबा हटाया जाएगा। इसके लिए योजना बना ली गई है, इस काम में दस दिन तक का समय लग सकता है। जरूरत पड़ने पर झील के निरीक्षण के लिए टीम दोबारा भी जा सकती है।