मुखबा व धराली को जोड़ने वाले झूला पुल का एक तार टूटने और उसके पिलर पर लगातार नदी से कटाव होने के कारण उसके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लग गया है। बुधवार को उस पर एक बार में एक ही व्यक्ति की आवाजाही करवाई गई। साथ ही खच्चरों से धराली में राशन भी नहीं पहुंचाया गया।
पुल के टूटने से राहत एवं बचाव कार्य पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। बीते मंगलवार देर शाम को भागीरथी का जलस्तर बढ़ने के कारण इसका पिलर क्षतिग्रस्त होने के कारण उसका एक तार टूट गया। इससे आवाजाही खतरनाक बनी है। बुधवार सुबह पुलिस और एसडीआरएफ को सुरक्षा के दृष्टिकोण से वहां पर तैनात किया गया।
वहीं एक बार में एक ही व्यक्ति की वहां से आवाजाही करवाई गई। धराली रशद पहुंचा रहे खच्चरों की आवाजाही भी बंद करवाई गई। मात्र मजदूरों के माध्यम से वहां पर राहत सामाग्री पहुंचाई गई। वहीं पुल के क्षतिग्रस्त पिलर पर लगातार भागीरथी नदी का कटाव होने के कारण उसके टूटने का खतरा बना हुआ है।
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वहीं अगर यह पुल टूटता है तो आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली अलग-थलग पड़ जाएगा। क्योंकि गंगोत्री हाईवे अभी भी बंद है वहीं हर्षिल से धराली के लिए पहाड़ी से पैदल मार्ग बनाया तो गया है लेकिन उस पर भी आवाजाही में खतरा बना हुआ है। वहीं सभी अधिकारी और राहत बचाव इसी मार्ग से धराली पहुंच रहे हैं। मुखबा-धराली के बीच यह पुल करीब 70 के दशक में बनाया गया था।