आपदा प्रभावितों ने जांगला, लंका व कोपांग में सुरक्षित पुनर्वास का सुझाव दिया। वहीं उच्चस्तरीय समिति ने नुकसान का जायजा लिया।
आपदा प्रभावित धराली के लोगों का पुनर्वास करने, क्षति का आकलन करने और राहत पैकेज देने के लिए शासन की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति ने धराली पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। समिति के सदस्यों ने क्षेत्र के लोगों, जन प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ संवाद किया।
समिति के अध्यक्ष डॉ. पांडेय ने कहा कि यह त्रासदी अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। केंद्र व राज्य सरकार, शासन और प्रशासन इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। क्षति की भरपाई के लिए व्यापक रोडमैप तैयार किया जाएगा। प्रत्येक प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
डीएम आर्य ने बताया कि आपदा में क्षतिग्रस्त फसलों, सेब के पेड़ों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। सड़क मार्ग बहाली का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रभावित परिवारों को राहत धनराशि वितरित की जा चुकी है। खाद्य सामग्री व आवश्यक वस्तुएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। लापता चल रहे लोगों की तलाश के लिए सर्च व रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा डॉ. चौहान और अपर सचिव खुराना ने कहा कि विस्थापन के लिए प्रभावित परिवारों को उपयुक्त विकल्प दिए जाएंगे। जिनके आधार पर विस्थापन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का संपूर्ण रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।