फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धराली आपदा: प्रभावितों ने जांगला, लंका व कोपांग में सुरक्षित पुनर्वास का दिया सुझाव, नुकसान का लिया गया जायजा

Thu, 14 Aug 2025 02:02 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी।

सार

आपदा प्रभावितों ने जांगला, लंका व कोपांग में सुरक्षित पुनर्वास का सुझाव दिया। वहीं उच्चस्तरीय समिति ने नुकसान का जायजा लिया।

विज्ञापन
उत्तरकाशी आपदा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आपदा प्रभावित धराली के लोगों का पुनर्वास करने, क्षति का आकलन करने और राहत पैकेज देने के लिए शासन की ओर से गठित उच्चस्तरीय समिति ने धराली पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। समिति के सदस्यों ने क्षेत्र के लोगों, जन प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ संवाद किया।

विज्ञापन


इस दौरान प्रभावित ग्रामीणों ने जांगला, लंका व कोपांग में पुनर्वास करने की मांग प्रमुखता से उठाई। केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण की तर्ज पर धराली का पुनर्निर्माण करने की मांग की। समिति में सचिव राजस्व डॉ.सुरेंद्र नारायण पांडेय, मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा डॉ.आशीष चौहान, अपर सचिव वित्त हिमांशु खुराना शामिल रहे। धराली पहुंचकर उन्होंने निरीक्षण कर पुनर्वास व आजीविका सुदृढ़ीकरण के आवश्यक पहलुओं का मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान समिति के सदस्यों ने प्रभावित परिवारों, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों से चर्चा कर उनके सुझाव लिए।

रेस्क्यू अभियान लगातार जारी
प्रभावित ग्रामीणों ने जांगला, लंका व कोपांग में विस्थापन की मांग की। केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण की तर्ज पर धराली का पुनर्निर्माण का सुझाव दिया। आपदा पीड़ित कौशिक पंवार ने सेब उत्पादकों के लिए सड़क मार्ग के समीप सुरक्षित भंडारण के लिए शेड निर्माण करने की आवश्यकता बताई। जिस पर डीएम प्रशांत आर्य ने आश्वासन दिया कि सड़क मार्ग के बहाल होते ही शेड का निर्माण प्राथमिकता से कराया जाएगा।

समिति के अध्यक्ष डॉ. पांडेय ने कहा कि यह त्रासदी अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। केंद्र व राज्य सरकार, शासन और प्रशासन इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। क्षति की भरपाई के लिए व्यापक रोडमैप तैयार किया जाएगा। प्रत्येक प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

डीएम आर्य ने बताया कि आपदा में क्षतिग्रस्त फसलों, सेब के पेड़ों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। सड़क मार्ग बहाली का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रभावित परिवारों को राहत धनराशि वितरित की जा चुकी है। खाद्य सामग्री व आवश्यक वस्तुएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। लापता चल रहे लोगों की तलाश के लिए सर्च व रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Uttarkashi: गंगोत्री तक अगले तीन दिन में रास्ता खुलेगा, यात्रा रहेगी अभी बंद, लगातार मलबा आने से चुनौती

मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा डॉ. चौहान और अपर सचिव खुराना ने कहा कि विस्थापन के लिए प्रभावित परिवारों को उपयुक्त विकल्प दिए जाएंगे। जिनके आधार पर विस्थापन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का संपूर्ण रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें