वाद में जिक्र है कि सबा करीम और अंशुमान गायकवाड़ की कमेटी ने जहां उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन को बेहतर बताया, वहीं इससे पहले आई प्रकाश दीक्षित और अंशुमान गायकवाड़ की कमेटी ने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन को बेहतर बताया था।
क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के बारे में जिक्र किया था कि यह यूपीसीए के साथ मिलकर काम करती है। यही रिपोर्ट उस समय सुप्रीम कोर्ट में फाइल भी हुई थी। हालांकि, उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े एक सदस्य ने बताया कि जब सीओए ने चारों एसोसिएशन को मिलाकर एक एसोसिएशन बनाने की बात कही थी तो आखिर दो दिन के भीतर अचानक सीएयू को मान्यता किसके दबाव में मिल गई।
इस बारे में उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के दिव्य नौटियाल से बात की गई तो उन्होंने कहां मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। आपसे ही सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दर्ज होने के बारे में पता चली है। वहीं, सीएयू के सचिव महिम वर्मा से देर रात करीब साढ़े 11 बजे इस बारे में संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका फोन स्विच ऑफ था।