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उत्तराखंड सरकार के फैसले पर टिका दो लाख युवाओं का भविष्य

Wed, 07 Sep 2016 08:50 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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पेपर लीक होने के कारण उत्तराखंड प्राविधिक परिषद ने राजकीय पर्यवेक्षक के 76 पदों के लिए होने वाली परीक्षा को रद्द कर दिया था। साथ ही, जल्द पेपर कराने की बात कही थी। पर आज एक साल एक माह दस दिन बाद भी यह परीक्षा नहीं हुई है।
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परिषद के अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने अभी बजट जारी नहीं किया है। बजट आएगा तो वह तुरंत परीक्षा करा देंगे। उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से 26 जुलाई 2015 को प्रदेशभर में राजकीय पर्यवेक्षक के 76 पदों के लिए परीक्षा कराई गई थी।

इस परीक्षा में प्रदेशभर से 1,89,423 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा का प्रश्न पत्र कई जगहों पर लीक हो गया था। शाम तक इसकी जानकारी पुख्ता होने पर उसी दिन प्राविधिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा रद्द कर दी थी। कुछ पेपर लीक के आरोपी अभ्यर्थियों के खिलाफ अलग-अलग जगहों पर मुकदमे भी दर्ज हुए थे।
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परिषद के अधिकारियों का कहना था कि जल्द ही दोबारा परीक्षा की तिथि तय की जाएगी, लेकिन तब से लेकर आज तक एक साल, एक महीना और दस दिन बाद भी परीक्षा आयोजित नहीं हो पाई। इस वजह से प्रदेशभर के 1,89,423 अभ्यर्थी परेशान हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि आज तक न तो परीक्षा की तिथि का पता चला और न ही आरोपियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की जानकारी है। उन्होंने मांग उठाई है कि जल्द से जल्द परीक्षा की तिथि जारी की जाए, ताकि अभ्यर्थियों को रोजगार मिले।

अधीनस्थ सेवा के परीक्षाफल पर भी विवाद
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से जारी ग्राम विकास अधिकारी के परीक्षा परिणाम पर आज भी विवाद बरकरार है। उस वक्त प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा था। अभ्यर्थियों की मांग थी कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, लिहाजा इसमें कार्रवाई होनी चाहिए। अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द मामले की जांच कर कार्रवाई की जाए।

प्रदेशभर में करीब दो लाख अभ्यर्थियों के लिए बड़ी परीक्षा करानी है। लिहाजा, हमने सरकार को इस परीक्षा के लिए बजट का प्रस्ताव भेजा है। अभी तक बजट जारी नहीं हुआ है। जैसे ही बजट आएगा तो तुरंत दोबारा परीक्षा कराने की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, उस पर पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है। 
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- हरि सिंह, सचिव, प्राविधिक शिक्षा परिषद
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