ये है मामला
- 10 अगस्त 2022: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने उत्तराखंड सम्मिलित सेवा प्रवर सेवा की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की।
- 26 मई 2022: को प्रारंभिक परीक्षा परिणाम में अनारक्षित श्रेणी की दो कट ऑफ लिस्ट निकाली।
- उत्तराखंड मूल की महिलाओं की कट ऑफ लिस्ट 79 थी।
- यूपी और हरियाणा मूल की महिला अभ्यर्थियों ने कट ऑफ लिस्ट को उच्च न्यायालय में चुनौती दी।
- अदालत में उन्होंने तर्क दिया कि उनके अंक 79 से अधिक हैं और वे महिला क्षैतिज आरक्षण के कारण बाहर हो गए।
- न्यायालय ने राज्य की महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण वाले दोनों शासनादेशों पर रोक लगा दी।
- प्रदेश सरकार ने न्यायालय के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया।
- सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की साथ ही क्षैतिज आरक्षण को यथावत बनाए रखने के लिए अध्यादेश लाने का फैसला किया।
अब सरकार तुरंत अध्यादेश या विधेयक लाए
भाजपा नेता रविंद्र जुगरान ने राज्य की महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे इस मामले में मजबूत पैरवी के लिए बगैर देरी किए अध्यादेश या विधेयक लाना चाहिए। इससे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हमारी सरकार की प्रतिबद्धता व वचनबद्धता भी प्रदर्शित होगी।
विधायी से राजभवन की मंजूरी के लिए जाएगा अध्यादेश
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में क्षैतिज आरक्षण वाले अध्यादेश विधायी विभाग को भेज दिया है। सचिव कार्मिक शैलेश बगौली के मुताबिक, अध्यादेश को विधायी राज्यपाल की मंजूरी के लिए राजभवन भेजेगा।
महिला हितों की रक्षा के लिए हम कटिबद्ध हैं
राज्य की महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का हम स्वागत करते हैं। हमारी सरकार प्रदेश की महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है। हमने महिला आरक्षण को यथावत बनाए रखने के लिए अध्यादेश लाने की भी तैयारी की है। साथ ही उच्चतम न्यायालय में भी समय से अपील करके प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
मुख्यमंत्री धामी पहले ही साफ कर चुके थे कि सरकार राज्य निर्माण की धुरी महिलाओं के हितों पर आंच नहीं आने देगी। विपक्षी इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर तूल देने का काम कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते हैं। इससे सरकार की महिला हितों को लेकर प्रतिबद्धता स्पष्ट हुई है।
- महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा