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उत्तराखंड के जंगलों में आगः गढ़वाल विवि के चौरास स्थित आवासीय परिसर तक पहुंची भीषण आग

Fri, 02 Apr 2021 03:53 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर

सार

उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित गढ़वाल विवि के चौरास स्थित आवासीय परिसर सहित कीर्तिनगर के अन्य क्षेत्रों से लगे जंगलों में शुक्रवार को भीषण आग लग गई।
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जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित गढ़वाल विवि के चौरास स्थित आवासीय परिसर सहित कीर्तिनगर के अन्य क्षेत्रों से लगे जंगलों में शुक्रवार को भीषण आग लग गई। जिसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग की टीम आग पर काबू पाने में जुट गई है। बता दें कि इन दिनों उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने का सिलसिला जारी है। इससे बहुमूल्य वन संपदा बर्बाद हो रही है।

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उत्तराखंड में जंगलों की आग से मचा हाहाकार, कई हेक्टेयर जंगल खाक, करोड़ों की वन सम्पदा बर्बाद, तस्वीरें

कीर्तिनगर क्षेत्र में चार दिन से जल रहे जंगल

वहीं कीर्तिनगर क्षेत्र में पिछले चार दिन से जंगल जल रहे हैं। वहीं कीर्तिनगर के चौरास, कड़ाकोट व बडियार क्षेत्र में अभी तक वन विभाग आग बुझाने में नाकाम साबित हुआ है। नरेंद्रनगर वन प्रभाग के कीर्तिनगर रेंज के सेंद्री, जैधार, पठवाड़ा, बंदासा, मजराखाल के आसपास के क्षेत्रों में अभी आग लगी हुई है।

 

कड़ाकोट पट्टी के धारी ढुंढसिर, खर्क, मैखोली  व खोला सहित अन्य क्षेत्रों में दो दिन से जंगल आग में जल रहे हैं। कई क्षेत्रों में ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटों के आगे सभी बेबस नजर आ रहे हैं। ग्रामीण शूरवीर सिंह और राजेंद्र का कहना है कि शाम होते ही हवा चलने की वजह से आग तेजी से फैल रही है।

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आग के कारण मवेशियों के लिए चारा पत्ती का प्रबंध करना मुश्किल हो गया है। कीर्तिनगर का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे वन क्षेत्राधिकारी सकलाना बुद्धि प्रकाश ने बताया कि टीम बुझाने के लिए मौके पर मौजूद है। 

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जल रहे जंगल, वन विभाग पस्त

रुद्रप्रयाग नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जंगल जल रहे हैं, जिससे करोड़ों की वन संपदा जलकर राख हो रही है।  बुधवार रात को रुद्रप्रयाग से डुंगरीपंथ के बीच कई जगहों पर जंगल रातभर जलते रहे। वनाग्नि के कारण के वातावरण में घनी धुंध छाई हुई है, जिससे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही जंगलों से जलती लकड़ी के साथ पत्थर गिरने का खतरा भी बना हुआ है।

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