उत्तराखंड में दूसरे दिन भी 150 से अधिक सड़क बंद रहीं। मंगलवार को राज्य में 172 सड़क बंद थीं, इस स्थिति में थोड़ा ही सुधार हो पाया। बुधवार को भी 152 सड़क बंद रहीं। इनमें अल्मोड़ा में आठ, बागेश्वर में 15, चमोली में 21 मार्ग बंद हैं। देहरादून में 11, नैनीताल में 47, पौड़ी में आठ, पिथौरागढ़ में 15, रुद्रप्रयाग में 10, टिहरी में 11 और उत्तरकाशी में छह मार्ग बंद हैं। मार्गाें के बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नैनीताल में जमकर हुई बारिश
24 घंटे में सबसे अधिक बारिश नैनीताल, भीमताल और हल्द्वानी में हुई है। नैनीताल में 217 और भीमताल में 161 एमएम बारिश हुई। हल्द्वानी में भी जमकर बारिश हुई। यहां पर 122.2 एमएम और मुक्तेश्वर में 107.7 एमएम बारिश हुई। बेतालघाट में 80. 5 एमएम बारिश रिपोर्ट की गई है। चंपावत में 74 एमएम, लोहाघाट 41,5, रुद्रप्रयाग 41.2 रानीखेत में 41.1 एमएम बारिश रिपोर्ट की गई है। बारिश होने से रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी और हरिद्वार में गंगा नदी का जल स्तर खतरे के स्तर के करीब पहुंच गया।
सतर्क रहने की सलाह
प्रदेश के नौ जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, चम्पावत, उधमसिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के सभी जनपदों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के सभी जनपदों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गर्जन के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
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विशेष रूप से देहरादून, टिहरी और उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जिलों में भारी वर्षा की आशंका है। चमोली, नैनीताल, चम्पावत और उधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं भारी वर्षा होने का अनुमान है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी इसी तरह की स्थिति रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।