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उत्तराखंड: बारिश और बर्फबारी से लौटी हाड़ कंपाने वाली ठंड, एक की मौत, कई जगह हाईवे बंद

Wed, 29 Jan 2020 10:47 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • मसूरी में देर रात से हो रही बर्फबारी के कारण धनोल्टी मार्ग बंद। कैंपटी मार्ग भी जीरो प्वाइंट के पास बंद।
 
 
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उत्तराखंड में बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है। पहाड़ से लेकर मैदान तक मंगलवार रात से ही बारिश हो रही है। बारिश और बर्फबारी के कारण ठंड भी बढ़ गई है। वहीं, पहाड़ में बर्फबारी के कारण कई जगह हाईवे बंद हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।  

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पहाड़ों की रानी मसूरी और धनोल्टी व आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार से ही बर्फबारी हो रही है। बुधवार सुबह मसूरी की खूबसूरत वादियां बर्फ से पूरी तरह लकदक दिखीं। पहाड़ों की रानी मसूरी में बुधवार को बर्फबारी होने के बाद एक बार फिर पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस वजह से जाम लग गया, जिससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उधर, धनोल्टी से जुड़े कई रास्ते बर्फबारी के चलते बंद हो गए। 

मसूरी में बारिश और धनोल्टी में बर्फबारी से मौसम काफी ठंडा हो गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। मसूरी धनोल्टी मार्ग बुधवार को पूरी तरह से बंद रहा। पुलिस प्रशासन ने पर्यटकों को मसूरी से धनोल्टी नहीं जाने दिया। मसूरी- कैंपटी मार्ग भी जीरो प्वाइंट के पास बंद कर दिया गया है।
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बर्फबारी के आगोश में समाई चकराता छावनी बाजार समेत ऊंची चोटियां 

बुधवार की सुबह चकराता छावनी बाजार क्षेत्र में डेढ़ से दो फिट तक बर्फबारी हुई है तो वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में पांच फीट तक मोटी बर्फ जमी हुई है। पूरा क्षेत्र कड़ाके की ठंड के आगोश में है। वहीं बर्फबारी से स्थानीय दुकानदारों के चेहरे खिल उठे हैं। बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए ऊंचाई वाले इलाकों का रुख कर रहे हैं। बुधवार को चकराता का अधिकतम तापमान चार और न्यूनतम -04 डिग्री रहा। 

गाड़ियों के पहियों में लगाई गईं चेन 

मसूरी और चकराता क्षेत्र में व्यवस्था संभाल रहे अधिकारियों की गाड़ियों में अतिरिक्त प्रबंध किए गए हैं। पाले और बर्फ पर फिसलन न हो इसके लिए उनके पहियों में चेन कवर लगाए गए हैं। ताकि, गाड़ी सड़क पर सीधी चल सके और दुर्घटना न हो। 

छह जिलों में स्कूलों में छुट्टी

मौसम विभाग के बारिश और बर्फबारी के पूर्वानुमान को देखते हुए गढ़वाल के छह जिलों में बुधवार को कक्षा एक से 12वीं तक के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, पौड़ी और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारियों ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। वहीं हरिद्वार में कक्षा पांच तक के स्कूल बंद रहेंगे। 

ठंड से 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत

अल्मोड़ा जिले में मौलेखाल तहसील क्षेत्र के अंतर्गत करगेत गांव निवासी 40 वर्षीय पूरन चंद की ठंड से मौत हो गई है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए रानीखेत भेजा है। पूरन चंद मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। सल्ट ब्लॉक के करगेत गांव निवासी पूरन चंद्र (40) पुत्र चिंतामणि मंगलवार को मौलेखाल बाजार आया था। कुन्हील के ग्रामीणों ने बताया कि शाम को वह शराब के नशे में शोर मचाते हुए पैदल घर लौट रहा था, लेकिन घर नहीं पहुंचा। रात में क्षेत्र में काफी बारिश हुई और कड़ाके की ठंड पड़ रही थी।

बुधवार सुबह कुन्हील गांव के नौले के निकट ग्रामीणों ने पूरन चंद्र को बेहोशी की हालत में देखा।  इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। सड़क से करीब एक किमी दूर कुन्हील गांव से ग्रामीण और पुलिस पूरन चंद्र को सड़क तक लाए। 108 एंबुलेंस से उसे स्वास्थ्य केंद्र देवायल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक मजदूरी कर परिवार चलाया था। उसकी तीन पुत्रियां और एक पुत्र है। बर्फबारी नैनीताल जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में सैकड़ों वाहन सड़कों में फंस गए। शव को लेकर धारी के सलियाकोट जा रही एक एंबुलेंस भी धानाचूली में फंस गई। करीब छह घंटे तक एंबुलेंस खड़ी रही।

गेहूं की फसल बर्बाद

रुद्रपुर में बारिश ने तराई के कई गांवों में गेहूं की फसल बर्बाद कर दी है। पौधों में पीलापन आ गया है। किसानों के मुताबिक किच्छा में मटर, लाही की 100 प्रतिशत जबकि गेहूं की 70 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई है। अल्मोड़ा जिले में बर्फबारी और बारिश से फसलों को नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
चंपावत में बारिश से देवीपुरा मझगांव, पचपकरिया आदि गांवों में फसलों को नुकसान हुआ है। भीमताल के अलचौना, चांफी, बेलवाल गांव, बिलासपुर, नौल और नौकुचियाताल में मटर की फलियों के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। यहां मटर की फसलों को 60 प्रतिशत नुकसान की आशंका है।

पहाड़ों पर भारी बर्फबारी से जिले के सात मार्ग बंद 

पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के चलते देहरादून जिले के छोटे-बड़े सात मार्ग बंद हो गए हैं। इन सभी मार्गों पर आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें बर्फ हटाने के काम में जुट गई हैं। प्रशासन के मुताबिक बृहस्पतिवार सुबह तक सभी मार्गों को खोल दिया जाएगा। 

तीन दिन पहले मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को बर्फबारी की चेतावनी दी थी। मंगलवार रात में मसूरी, चकराता और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। इसके चलते पर्यटकों ने एक बार फिर क्षेत्रों का रुख करना शुरू कर दिया। लेकिन, इसी बीच प्रशासन ने मसूरी और चकराता का यातायात कुछ देर के लिए रोक दिया था। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपशिखा रावत ने बताया कि जिले के वर्तमान में कुल सात मार्ग बर्फ के कारण बंद हुए हैं। 

ये मार्ग हैं बंद 

- लंढौर मोटर मार्ग 
- टिहरी बस अड्डा से बाटाघाट तक 
- खारसी मोटर मार्ग 
- कोटी कनासर रजाणु मोटर मार्ग 
- दारागढ़ कथियान त्यूनी मोटर मार्ग 
- त्यूनी चकराता लोखंडी से कोटी मोटर मार्ग 
- बाटाघाट से चंबा तक 

चमोली में 140 गांव बर्फ से ढके

चमोली जिले में दो दिनों से चल रही बारिश और बर्फबारी बुधवार को दोपहर बाद थम गई। जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब के साथ ही फूलों की घाटी, घांघरिया, रुद्रनाथ, नंदा घुंघटी, लाल माटी, ईराणी, पाणा, झींझी के साथ ही नीती और माणा घाटियों में जमकर बर्फबारी हुई है। बदरीनाथ धाम में करीब दस फीट और हेमकुंड साहिब में 13 फीट तक बर्फ जम गई है। जिले में करीब 140 गांव बर्फ में कैद हो गए हैं। 

गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे समेत दो दर्जन से अधिक सड़कें हुई बाधित

भारी बर्फबारी के कारण गंगोत्री व यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित दो दर्जन से अधिक मोटर मार्गों पर बुधवार को  यातायात प्रभावित रहा, जिसके चलते आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि दोपहर बाद मौसम खुलने के साथ ही प्रशासन ने सभी बाधित मार्गों पर यातायात बहाली के प्रयास तेज कर दिए हैं। गंगोत्री हाईवे सुखी टॉप से आगे बर्फबारी के कारण बाधित है। वहीं, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग रांडी टॉप, स्याना चट्टी, हनुमान चट्टी में बर्फ जमने से बंद हो गया है। सुवाखोली मोटर मार्ग भी बर्फबारी के कारण बाधित है

आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बर्फबारी से उत्तरकाशी जिले में विद्युत लाइन व पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिस कारण मोरी ब्लॉक के सर्वाधिक 50, नौगांव के 45, पुरोला के 29 तथा भटवाड़ी के 12 सहित कुल 136 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। 

रुद्रप्रयाग गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग भी बांसवाड़ा में मलवा और पत्थर गिरने के कारण बंद हो गया है। कुमाऊं में बर्फबारी के चलते थल-मुनस्यारी सड़क फिर बंद हो गई। बलाती, बेटुलीधार में कई वाहन फंसे हुए हैं।जेसीबी मशीनें रास्तों को खोलने में जुटी हुई हैं। कर्णप्रयाग में लगातार हो रही बारिश के कारण बुधवार को ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर कालेश्वर के पास भारी मात्रा में पहाड़ी से मलबा आ गया। जिससे सड़क पर चार घंटे तक कई वाहन जाम में फंसे रहे। बाद में जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा व चट्टान को सड़क से हटाकर वाहनों की आवाजाही शुरू की गई।

 
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तीसरी बर्फबारी से लकदक हुआ पौड़ी

इस सीजन की तीसरी बर्फबारी से पौड़ी लकदक हो गया है। पौड़ी के साथ ही मांडाखाल, कंडोलिया, नागदेव सहित कई स्थानों में जमकर बर्फबारी हुई। लोग व सैलानी बर्फबारी का खूब लुत्फ उठाते नजर आए। दिसंबर 2019 को मुख्यालय में बर्फबारी हुई। इसके बाद नौ जनवरी को अब बुधवार को पौड़ी मुख्यालय, नागदेव, कंडोलिया, टेका, अद्वाणी, मांडाखाल, झंडीधार, खांड्यूसैण, रानीगढ़ सहित अनेक क्षेत्र बर्फबारी से लकदक हो गए। जिले में खिर्सू, थलीसैण, चौंरीखाल, भरसार, दीवा, खेरालिंग का डांडा, पीठसैण सहित अनेक क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई।

कर्णप्रयाग क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त

दो दिनों से लगातार हो रही बारिश व ठंड के कारण कर्णप्रयाग क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से नगर की सड़कों में पानी व कीचड़ जमा होने से राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग ठंड से बेहाल रहे। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ पड़ने व ठंडी हवाएं चलने से लोग दिनभर घरों के अंदर रहे। प्यूंरा, पज्याणा, खेती, मालसी, नौटी, नंदासैंण, पुडियाणी, जाख आदि गांवों सहित लंगासू, सिमली, गौचर, आदिबदरी, नौली, बगोली कस्बों में भी दिनभर बारिश होती रही। 

गैरसैंण में जमकर बर्फबारी

बुधवार को दिन के 11 बजे से एक बजे तक क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। दूधातौली, पैंसर, कौनपुरगढ़ी, अंज्ञारी महादेव, लोबागढ़ी, पनछुया  पर्वत चोटियां बर्फ से ढकी हैं। सारकोट, परवाडी, भराड़ीसैंण, महरगांव, रामड़ा मल्ला, बुखाली, मठकोट, कुंजापानी, देवठांग, छड़ीसैंण, सलियाणा, अंद्रपा, कुणीखेत, सारेग्वाड़, नैल-देवपुरी, पज्याणा आदि गांवों में एक फिट तक बर्फ जमने से ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। ग्वालदम, थराली व ग्रामीण क्षेत्रों में दो दिनों से बारिश होने से लोग बेहाल हैं। ऊंचाई वाले गांवों में हिमपात होने से लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। 

बारिश, बर्फबारी से 50 से अधिक गांवों में जनजीवन प्रभावित

रुद्रप्रयाग में पिछले 72 घंटे से अधिक समय से रुक-रुककर हो रही बारिश और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी से जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है। जनपद के 50 से अधिक गांवों में आठ इंच से डेढ़ फीट तक बर्फ जम चुकी है, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। वहीं, कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर राजमार्ग बर्फ के चलते फिर से बंद हो गया है। जबकि गौरीकुंड हाईवे भी बांसवाड़ा में भूस्खलन के कारण दिनभर अवरुद्ध रहा। 

 चौमासी, चिलौंड, तोषी, रांसी, त्रियुगीनारायण, पालाकुराली, धनकुराली, लुठियाण, चिरबटिया, बुढ़ना, एकलिंग, भेंट समेत 50 से अधिक गांवों में आधा से डेढ़ फीट तक बर्फ जमा हुई है। ग्रामीणों को आवाजाही समेत अन्य दैनिक कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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