बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के मुहूर्त पर नरेंद्रनगर राजदरबार पहुंचे डिमरी पंचायत के प्रतिनिधियों ने देवस्थानम अधिनियम का विरोध किया। डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों ने विरोध स्वरूप बांह पर काली पट्टी बांधकर अधिनियम का विरोध किया। उन्होंने कहा सरकार तीर्थ पुरोहितों के हक हकूकों पर कुठाराघात कर रही है, जिसका वे डटकर विरोध करेंगे। डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के उपाध्यक्ष भाष्कर डिमरी ने कहा कि एक ओर सरकार विभिन्न उपक्रमों का निजीकरण कर रही है, तो मंदिरों का सरकारीकरण क्यों किया जा रहा है।
तीर्थ पुरोहितों के विरोध को देखते हुए राजमहल परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं का कहना है कि देवस्थानम अधिनियम से उत्तराखंड के मंदिरों की व्यवस्थाएं सुधरेगी। इससे रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। तीर्थयात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेगी। पहले अधिनियम को लेकर भ्रम था, लेकिन एक्ट का अध्ययन के बाद स्पष्ट हो गया कि तीर्थ पुरोहितों के हक हकूक यथावत रहेंगे।
तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिले इसके लिए मंदिर समिति अभी से तैयारियों में जुट जाएगी। मंदिर समिति ने सरकार को सुझाव दिया है कि चारधाम के अलावा प्रदेश के पौराणिक मठ-मंदिरों का प्रचार-प्रसार किया जाए। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को ऑल वेदर रोड की सौगात दी है, जो चारधाम यात्रा के लिए वरदान साबित होगी।
- मोहन प्रसाद थपलियाल, अध्यक्ष, बदरी-केदार मंदिर समिति
21 फरवरी को तय होगी केदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होने के बाद चारधाम यात्रा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि शिवरात्रि 21 फरवरी 2020 को तय होगी। जबकि गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया को खुलते हैं। इस वर्ष अक्षय तृतीया 26 अप्रैल को है। इसके साथ चारधाम यात्रा का आगाज भी हो जाएगा।