उत्तरकाशी जिले में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। मंगलवार को गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन के कारण डबराणी के पास और रतूड़ीसेरा में करीब सात घंटे यातायात अवरुद्ध रहा। वहीं यमुनोत्री हाईवे पर दुबाटा के पास पेड़ गिरने से एक घंटे तक आवाजाही बाधित रही। वहीं बारिश के कारण हुए भूस्खलन से लोनिवि के 11 मोटरमार्ग अब भी बंद हैं।
सीमांत जनपद में बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। रविवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह तक जारी रही। इसके कारण गंगोत्री हाईवे पर रतूड़ीसेरा और डबराणी के पास भूस्खलन के कारण आए मलबे व बोल्डर से आवाजाही बाधित हुई। बीआरओ ने डबराणी के निकट एक जेसीबी और दस मजदूरों की मदद से हाईवे से मलबा व बोल्डर हटाए।
वहीं, मंगलवार शाम को नगर पालिका बड़कोट में दुबाटा के पास पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। एनएच के अधिकारियों ने मशीन से किनारे कर आवाजाही बहाल की। वहीं मलबा व बोल्डर आने से बंद लोनिवि के कल्याणी हरेती जुगणा तराकोट, सिलक्यारा बनगांव, गड़त, उडखोला जिव्या टंडोल, चिन्यालीसौड़ धरासू जोगत तल्ला, स्यांस मणी, कावटा, छैजुला आदि पर मलबा हटाने का काम जारी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि रुक-रुक बारिश होने से मोटरमार्गों को खोलने में दिक्कत पेश आ रही है।
जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्र के एनएच 707 ए कैंपटी क्षेत्र में दो जगह से पहाड़ दरकने से घंटों तक यातायात बंद रहा। ख्यारसी से आगे एनएच पर पहाड़ का मलबा आ गया था। इससे यमुना घाटी जाने वाले यात्री और सैलानी एक घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे।
नेशनल हाईवे 707ए कैंपटी क्षेत्र में दो स्थानों पर मलबा आने से याताताय प्रभावित हुआ। कैंपटी बाजार और ख्यारसी के बीच पहाड़ से मलबा आ गया था। इसके अलावा ख्यारसी से आगे यमुना ब्रिज की ओर पहाड़ दरकने से नेशनल हाईवे एक घंटे से अधिक समय तक बंद रहा। इससे विकासनगर, यमुना घाटी के नौगांव, बड़कोट, पुरोला सहित जौनपुर क्षेत्र से आ रहे लोग एक घंटे से अधिक फंसे रहे।
कैंपटी थानाध्यक्ष नवीन चंद्र जुराल ने बताया कि कैंपटी के ख्यारसी के निकट दो जगह पहाड़ गिरने से हाईवे बंद हो गया था। ख्यारसी के पास कैंपटी बाईपास से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया। कैंपटी बाईपास से ट्रैफिक डायवर्ट करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ख्यारसी से आगे यमुना ब्रिज की ओर हाईवे पर करीब डेढ़ सौ मीटर ऊंचाई से पहाड़ गिर गया था। यहां भी यातायात काफी देर तक प्रभावित रहा। एनएच 707ए के अधिशासी अभियंता ओपी सिंह ने बताया कि कैंपटी में दो अलग-अलग जगह पहाड़ गिरने से हाईवे बंद हो गया था। जेसीबी मौके पर भेजकर मलबा हटवा कर यातायात सुचारू कर दिया गया था।
कैंपटी में झरने के पास बांधी रस्सी
वहीं, बता दें कि कैंपटी फॉल में बारिश के बाद पानी बढ़ गया है। साथ ही पत्थर गिरने की संभावना भी बनी हुई है। ऐसे पुलिस ने झरने से दस फीट की दूरी पर रस्सी बांध दी है, जिससे सैलानी झरने तक नहीं पहुंच सकें।
कैंपटी झील और झरने को देखने के लिए लगातार सैलानी पहुंच रहे हैं, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद 50 से अधिक लोगों को झरने के नजदीक और झील के पास नहीं जाने दिया जा रहा है। थानाध्यक्ष कैंपटी नवीन चंद्र जुराल ने बताया कि बारिश के बाद झरने में पानी बढ़ गया है। सैलानियों की सुरक्षा को देखते हुए झरने के पास रस्सी बांधी गई है। जिससे पानी में पत्थर आने पर सैलानियों को खतरा न हो।
पुलिस लगातार झरने और झील के पास सैलानियों पर नजर बनाए हुए है। बताया कि बिना कोरोना जांच, स्मार्ट सिटी पोर्टल पर बिना रजिस्ट्रेशन के कैंपटी पहुंचीं 37 गाड़ियों को वापस भेजा गया। वहीं कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर 21 सैलानियों का चालान किया गया।