राजधानी दून और आसपास के कई इलाकों में हल्की बारिश व बर्फबारी के आसार हैं। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं, 2500 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है।
नीती घाटी में जमी नदी, गदेरे
कड़ाके की ठंड के कारण चमोली जिले के सीमांत क्षेत्र नीती घाटी में बहने वाली नदियां और गदेरे बर्फ में तब्दील हो चुके हैं। सड़क और पैदल रास्तों पर भी पाले की मोटी चादर बिछने से सड़कें बंद हो गई हैं। कुछ दिन पहले क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई थी, जिसके बाद से यहां तापमान लगातार गिरता जा रहा है। इन दिनों यहां पर तापमान शून्य से माइनस 15 डिग्री तक पहुंच रहा है। इसके चलते यहां पर बहने वाली धौली नदी जम गई है।
नीती घाटी में जितने भी गदेरे और नाले बहते थे सब बर्फ में तब्दील हो चुके हैं। नीती मार्ग पर गमशाली से आगे पाले की मोटी चादर जमी हुई है, जिससे मार्ग बंद है। हालांकि इन दिनों यहां पर सिर्फ सेना और आईटीबीपी के जवानों की तैनाती रहती है। स्थानीय लोग पहले ही निचले इलाकों में आ जाते हैं। वहीं सुरांईथोटा में भी जबरदस्त ठंड पड़ रही है। घाटी में शीतलहर के प्रकोप से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। लोग ठंड से बचने के लिए शाम होते ही घरों में दुबक रहे हैं।
ऋषिकेश: सर्दी की रातों में चोर हुए चौकन्ने, पुलिस सुस्त
सर्दियों के मौसम में चोरी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। तीर्थनगरी में रात को कड़ाके की ठंड के बीच शातिर चोर सक्रिय हो गए हैं। पिछले पांच दिनों के दौरान चोरों ने तीन चोरियां की हैं। पुलिस गश्ती टीम की सुस्ती के चलते चोर महकमे को लगातार चुनौती दे रहे हैं।
तीर्थनगरी में रात को जबरदस्त कड़ाके की ठंड पड़ी रही है। न्यूनतम तापमान गिरकर सात डिग्री तक पहुंच रहा है। चोरों ने अब सर्द मौसम का फायदा उठाना शुरू कर दिया। पिछले पांच दिनों के दौरान ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर चोरी हुई है। पहली चोरी की घटना 12 दिसंबर को आदर्श नगर में हुई थी। हालांकि पुलिस चारों को पकड़ने में सफल रही।
चोरी की घटनाओं से लोग दहशत में
वहीं बुधवार को चोरों ने एक ही दिन में दो घरों से लाखों के जेवर और नकदी साफ कर दी। चोरी की घटनाओं से लोग दहशत में है। स्थानीय लोग पुलिस से शहर और देहात के अंदरूनी क्षेत्रों में गश्त शुरू करने की मांग कर रहे हैं। असल में पुलिस की गश्ती टीम रात को मुख्य मार्गों और आसपास ही गश्त करती है। ऐसे में गलियों, मोहल्लों और गांवों में चोर बेखौफ होकर घूमते हैं। वहीं पुलिस चोरी की घटना के बाद आरोपियों की धरपकड़ के लिए सक्रिय होती है।