भारी बारिश और भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे पर इन दिनों सफर खतरनाक बना हुआ है। हाईवे पर कई जगह भूस्खलन जोन सक्रिय हो गए हैं। ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य के दौरान चट्टानें दरक रही हैं, तो कई चट्टानी भागों में वाहनों की आवाजाही खतरनाक बनी हुई है।
बदरीनाथ हाईवे पर कर्णप्रयाग से बदरीनाथ के बीच कालेश्वर, लंगासू, देवलीबगड़, नंदप्रयाग, बांजबगड़, चमोली चाड़ा, बाजपुर, क्षेत्रपाल, बिरही, गडोरा, पीपलकोटी, भनेरपाणी, पातालगंगा, पागल नाला, हेलंग, मारवाड़ी पुल, टैय्या पुल, गोविंदघाट, लामबगड़ और हनुमान चट्टी में चट्टान से भूस्खलन सक्रिय है।
पीपलकोटी से पाखी के बीच ऑलवेदर रोड के तहत चट्टानों की कटिंग होने से बार-बार मलबा हाईवे पर आ रहा है और वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। एनएचआइडीसीएल के प्रबंधक संदीप कार्की का कहना है कि हाईवे पर अधिकांश जगह हिल कटिंग कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
मानसून सीजन की दस्तक के साथ ही ऑल वेदर निर्माण कार्यों के कारण बदहाल पड़े गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे खतरनाक बना हुआ है। बारिश के बाद जगह-जगह हुए गड्ढों में पानी भरने व निर्माण साइट में बिखरे मलबे के दलदल में तबदील होने से राहगीरों को जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है, लेकिन कई बार शिकायत करने के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा निर्माण एजेंसियों की लापरवाही को नजर अंदाज किया जा रहा है।
ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर धरासू बैंड से पालीगाढ़ और गंगोत्री हाईवे पर धरासू से बड़ेथी चुंगी तक सड़क चौड़ीकरण कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण एजेंसियों द्वारा गड्ढों को भरने व मलबे को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। पूरण सिंह, प्रेम सिंह, मोहन सिंह, शरद सिंह आदि लोगों ने कहा कि कंपनियों द्वारा निर्माण साइट पर मलबे को हटाने व गड्ढों को भरने जैसे कोई सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। सड़क में दलदल व गड्ढों के कारण कई वाहन बीच में ही फंस जाते हैं, जिससे बारिश के वक्त पहाड़ों से होने वाले भूस्खलन की चपेट में आने का खतरा बना रहता है।
ऑल वेदर रोड की समीक्षा बैठक में सभी निर्माण एजेंसियों को काम पूरा होने तक राष्ट्रयी राजमार्ग को यातायात के लिए सुविधाजनक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सभी भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में भी एसडीआरएफ आदि सुरक्षा दलों को तैनात किया गया है।
- डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी उत्तरकाशी।