बदरीनाथ धाम में लगभग पांच और हेमकुंड साहिब में छह फीट तक बर्फ जम गई है। गौरसों बुग्याल, औली, रुद्रनाथ, लाल माटी सहित नीती और माणा घाटियों में जमकर बर्फबारी हुई है। वहीं बर्फबारी से जोशीमठ-औली, बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे और गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ हाईवे जगह-जगह अवरुद्ध हो गया है। जिले के कई ऊंचाई वाले इलाकों के गांवों में बर्फ तो गिरी, लेकिन देर शाम तक बर्फ पिघल गई। वहीं गोपेश्वर, जोशीमठ, पीपलकोटी, घाट, पोखरी क्षेत्र में राहगीरों व मवेशियों के लिए संबंधित नगर पालिका व नगर पंचायत की ओर से अलाव की व्यवस्था की गई है। इधर, औली में जमकर बर्फबारी होने से पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। जोशीमठ-औली मार्ग बंद होने से पर्यटक रोपवे से औली पहुंच रहे हैं। औली सड़क को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से नमक का छिड़काव किया जा रहा है।
केदारनाथ में 14 फीट तक बर्फ जमा
एक पखवाड़े से समय-समय पर हो रही बर्फबारी के कारण केदारनाथ में 14 फीट से अधिक बर्फ जमा होने की बात कही जा रही है। क्षेत्र में संचार सेवा ठप होने से संपर्क नहीं हो पा रहा है। केदारनाथ में इन दिनों कुछ साधु रह रहे हैं। उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्र भी बर्फ से लकदक हैं। निचले इलाकों में दिनभर हल्की बूंदाबांदी होती रही। रविवार को केदारनाथ में सुबह से देर शाम तक रुक-रुककर बर्फबारी होती रही। इस दौरान लगभग एक फीट तक नई बर्फ जम गई थी। पिछले एक पखवाड़े के दौरान हुई बर्फबारी के चलते केदारनाथ में करीब 14 फीट बर्फ जमा हो गई है। उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ में भी चार से पांच फीट तक बर्फ जमा हो गई है। वहीं, हरियाली कांठा, द्यूली खरक, कालशिला, चिरबटिया व गौरीकुंड के ऊपरी क्षेत्रों में भी काफी बर्फ गिर चुकी है। बर्फबारी के कारण रुद्रप्रयाग जनपद के गौंडार, तोषी, त्रियुगीनारायण, चिलौंड, चौमासी सहित 30 से अधिक गांवों में लोगों के खेतीबाड़ी, पशुपालन सहित अन्य कार्य व्यापक रूप से प्रभावित हो चुके हैं। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, ऊखीमठ, मयाली, जखोली, बसुकेदार में दिनभर हल्की बूंदाबांदी होती रही। यहां बाजारों में लोगों की चहलकदमी कम रही।
गंगोत्री, यमुनोत्री सहित जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी
गंगोत्री, यमुनोत्री सहित जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को जमकर बर्फबारी हुई। वहीं निचले क्षेत्रों में दिनभर बारिश होती रही। जिससे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड रही। उत्तरकाशी जनपद के दोनों धामों सहित हर्षिल, मुखबा, खरसाली, सुक्की टॉप, झाला, रैंथल, बारसू, राड़ीटॉप, चौरंगीखाल जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दो दिनों से जमकर बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी के चलते जनपद में कई स्थानों पर सड़क मार्ग भी अवरुद्घ रहे। वहीं जनपद के निचले क्षेत्रों में भी दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। जिससे कड़ाके की ठंड बढ़ गई है।
बर्फबारी से थल-मुनस्यारी सड़क बंद, कई वाहन फंसे
बारिश-बर्फबारी से पहाड़ों पर जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। सीमांत जिले पिथौरागढ़ में लगातार चौथे दिन भी मौसम खराब रहा। शनिवार की रात हुए भारी हिमपात से थल-मुनस्यारी सड़क बंद हो गई। लगातार बर्फबारी के कारण पर्यटकों के चार वाहन कालामुनि में फंसे हुए हैं। धारचूला की व्यास और दारमा घाटियों में भी जमकर बर्फ गिरी है। चार दिन से धूप नहीं निकलने से पूरा जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में है। रविवार को अल्मोड़ा जिले के बिनसर और पांडवखोली में बर्फबारी हुई। लेकिन निरंतर बारिश के बावजूद रानीखेत के ऊंचाई वाले चौबटिया क्षेत्र में बर्फबारी नहीं होने से लोग हैरत में हैं।
बागेश्वर जिले में बारिश और हिमपात का दौर जारी है। कपकोट के पिंडर घाटी में बर्फबारी हो रही है। बिचला दानपुर क्षेत्र के पहाड़ियों में हिमपात हुआ है। जिले के अन्य इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। नैनीताल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को छठी बार बर्फबारी हुईं। इसके बाद सुबह से ही नैना पीक, टिफिन टॉप, हिमालय दर्शन, अयारपाटा, बारापत्थर, स्नोव्यू आदि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी देखने के लिए काफी संख्या में पर्यटक पहुंच गए। नैनीताल के निचले इलाकों में अब तक बर्फ नहीं गिरी। नैनीझील में रविवार सुबह से शाम तक तेज लहरें ही उठती रहीं। वहीं, मुक्तेश्वर, रामगढ़ और धानाचूली में भी जमकर बर्फबारी हुई है। भीमताल, भवाली, गरमपानी और ओखलकांडा क्षेत्र में बारिश के साथ ठंड बढ़ गई।
प्रदेश के सभी इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट से लोगों को भीषण ठंड से जूझना पड़ रहा है। ज्यादातर पहाड़ी जिलों में तापमान सामान्य से तीन से छह डिग्री तक पहुंच गया है। इसके कारण मौसम में ठंड बढ़ गई है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को देहरादून क्षेत्र में अधिकतम तापमान 14.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री रहा।
अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम और न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक रहा। इस दौरान 2.1 मिमी बारिश भी रिकॉर्ड की गई। पंतनगर में अधिकतम तापमान 17.6 व न्यूनतम तापमान 7.1, मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 1.5 और न्यूनतम तापमान दशमलव चार और नई टिहरी में अधिकतम तापमान 6.2 और न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, अल्मोड़ा में अधिकतम तापमान 9.31 डिग्री रहा।
कुमाऊं के उच्च हिमालयी क्षेत्र बर्फ से लकदक
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रहे हिमपात और निचले क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी की वजह से ठंड बढ़ गई है। मुनस्यारी, धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात के बाद निचले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। व्यास घाटी के 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित गर्ब्यांग गांव और अन्य सात गांवों में दो फीट और ऊंचे पहाड़ों पर तीन से चार फीट तक बर्फबारी हुई है।
मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्र हंसलिंग, राजरंभा, पंचाचूली, हंसलिंग, छिपलाकेदार में बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है। उधर, बागेश्वर जिले के पिंडर घाटी के खाती, बदियाकोट, वाथम समेत तमाम इलाकों में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह जमकर बर्फबारी हुई। मौसम का बिगड़ा मिजाज राजनीतिक दलों के लिए परेशानी का सबब बना है। नैनीताल में सप्ताहांत के मौके पर शनिवार को नैनीताल में पांचवीं बार हिमपात हुआ, लेकिन इस बार भी हिमपात केवल ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक ही सीमित रहा।