मौसम विभाग ने आज उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के ज्यादातर 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर तेज बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, नैनीताल व अल्मोड़ा के कुछ अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिर सकती है। आज और कल राज्य के कई क्षेत्रों में ओले भी गिर सकते हैं।
वेदनी, आली बुग्यालों व रूपकुंड में बारिश
बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे और देवाल के वेदनी, आली बुग्यालों व रूपकुंड में हल्की बारिश हुई। व्यापार संघ बृजेश बिष्ट, समीर मिश्रा, हरिकृष्ण भट्ट आदि ने नगरों में ठंड से बचने के लिए अलाव जलाने की मांग की।
मौसम विज्ञान केंद्र की बर्फबारी, बारिश और शीतलहर की चेतावनी को देखते हुए जिलाधिकारी सी रविशंकर ने नगर निगम, नगर पालिका परिषद को रैनबसेरों, चौराहों, आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन आदि क्षेत्र में अलाव जलाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बुधवार को नगर निगम, पीडब्ल्यूडी समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जिले के बर्फबारी से अवरुद्ध होने वाले मार्गों को सुचारु करने के लिए तैनात जेसीबी और उनके चालकों के मोबाइल नंबर आदि की जानकारी जिला आपदा कंट्रोल रूम को देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को खाद्य गोदामों में राशन की व्यवस्था, निराश्रितों को निशुल्क कंबल बांटने के निर्देश दिए। उन्होंने बर्फबारी के दौरान विद्युत एवं पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने पर विद्युत एवं पेयजल की व्यवस्था तत्काल बहाल करने आदि के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से 400 कंबल सभी तहसीलों को भेजे गए हैं। साथ ही तहसीलदारों को धनराशि भी आवंटित कर दी गई है। नगर निगम क्षेत्र देहरादून में 10, नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्र में 5, नगर पालिका परिषद विकासनगर में 11, नपा परिषद हरबर्टपुर में 5, नगर पालिका परिषद मसूरी में 5 तथा नगर नालिका परिषद डोईवाला में 10 स्थानों पर अलाव जलाए जाते हैं।
यहां मिलेगा बेसहारा को सहारा
नगर निगम देहरादून : पटेलनगर, ट्रांसपोर्ट नगर, चुक्खु मोहल्ला व चूना भट्टा में स्थित रैनबसेरा
नगर निगम ऋषिकेश : आईएसबीटी
नगर पालिका परिषद विकासनगर : सामुदायिक भवन
नगर पालिका परिषद हरबर्टपुर : शिव मंदिर
नगर पालिका पालिका मसूरी : किंग्रेट
नगर पालिका डोईवाला : रेलवे स्टेशन में बना रैनबसेरा
मौसम की बदली करवट के बीच जौनसार बावर की ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली। क्षेत्र की ऊंची चोटियों पर सीजन का ये दूसरा हिमपात है। बर्फ से आच्छादित ये चोटियां पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं। देववन, मुंडाली, खडंबा, बुधेर, मोयला टॉप, व्यास शिखर, लोखंडी में सुबह छह बजे से ही बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। इन इलाकों में सुबह 11 बजे तक बर्फबारी का दौर जारी रहा। करीब पांच घंटे तक क्षेत्र में रुक-रुक कर हुई बर्फबारी के चलते लोखंडी में एक से तीन इंच तो अन्य ऊंची चोटियों पर छह इंच से एक फीट तक मोटी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई।
चकराता से बर्फ से ढकी ये ऊंची चोटियां चांदी सी चमकती नजर आई। बर्फबारी से तापमान भी खासा लुढक गया है। पूरा क्षेत्र कड़ाके की ठंड की चपेट में है। ठंड के चलते चकराता छावनी बाजार क्षेत्र में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। बहुत कम लोग ही खरीदारी के लिए मुख्य बाजार में निकले। दिनभर लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव, अंगीठी और हीटर तापते नजर आए।
चकराता का अधिकतम तापमान चार डिग्री और न्यूनतम एक डिग्री रिकॉर्ड किया गया। विकासनगर का अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं मैदानी इलाकों में दिनभर रुक-रूक कर बारिश का दौर जारी रहा। जिसके चलते पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में रहा। यहां भी शाम ढलते ही बाजार में सन्नाटा पसर गया।
दिसंबर ने दूसरे सप्ताह में ही ठंड का प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। शाम ढलते ही ठंडी हवाएं शरीर में सिहरन पैदा करने लगी हैं। बावजूद अब तक नगर पालिका प्रशासन अलाव और रैन बसेरे की कोई व्यवस्था नहीं कर पाया है। बाहर से आने वाले यात्रियों को खुले आसमान के नीचे सिकुड़ते हुए रात काटनी पड़ती है। वहीं नगर पालिका प्रशासन अभी अलाव खरीदने के लिए इस्टीमेट ही तैयार कर रहा है।
मालूम हो कि विकासनगर शहर पछवादून के साथ ही जौनसार बावर, उत्तरकाशी, टिहरी और पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के कई गांव का केंद्र बिंदु हैं। यहां पर बड़ी संख्या में लोग खरीदरारी के लिए आते हैं। कई मर्तबा वाहन न मिलने के कारण बाहर से आने वाले यात्रियों को देर रात तक खुले में ही वाहनों का इंतजार करना पड़ता है।
ऐसे में ठंड के समय में अलाव न जलने के कारण उन्हें ठिठुरते हुए रात काटनी पड़ती है। हर साल ठंड शुरू होते ही ऐसे लोगों के लिए अलाव और रैन-बसेरे की व्यवस्था की जाती है। लेकिन दिसंबर माह शुरू होने के बाद भी न तो अलाव और न ही रैन-बसेरे का कुछ अता-पता है। अधिशासी अधिकारी भजन लाल आर्य ने बताया कि अलाव जलाने के लिए इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही रैन-बसेरे का निर्माण किया जाएगा।