बर्फबारी से प्रभावित पहाड़ के तमाम हिस्सों में हफ्ते भर बाद भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के करीब 60 गांव अभी भी अलग-थलग पड़े हुए हैं। मुख्य सड़कों, संपर्क मार्गों और पैदल रास्तों के बर्फ से ढके होने से इन गांवों का तहसील, ब्लाक और जिला मुख्यालयों से संपर्क कटा हुआ है। केदारनाथ धाम भी जिला मुख्यालय से कटा हुआ है। उत्तरकाशी जिले के 115 गांवों में बिजली की सप्लाई बाधित पड़ी है।
रुद्रप्रयाग जिले में बीते सप्ताह छह से आठ जनवरी की रात तक हुई भारी बर्फबारी से जिले के सौ से अधिक गांव व्यापक रूप से प्रभावित हो गए थे। इनमें 40 से अधिक गांवों का एक सप्ताह बाद भी ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालयों से संपर्क कटा हुआ है। इन गांवों में ढाई से तीन फीट तक बर्फ मौजूद है, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
तोषी, गौंडार, चौमासी, चिलौंड आदि गांवों का भी ब्लॉक मुख्यालय व सड़क से संपर्क कटा हुआ है। दूरस्थ तोषी व त्रियुगीनारायण गांव समेत दस से अधिक गांव/तोकों में बिजली लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से बिजली सप्लाई अभी भी ठप पड़ी है। इधर, ऊर्जा निगम के एसडीओ एलएस लिंगवाल का कहना है कि जहां-जहां बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनकी मरम्मत कर चरणबद्ध तरीके से बिजली सप्लाई की जा रही है।
उत्तरकाशी जिले में 115 गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। इनमें मोरी ब्लॉक के 35, भटवाड़ी के 30, डुंडा-धौंतरी के 31, चिन्यालीसौड़ के 10, नौगांव के पांच और पुरोला के चार गांव शामिल हैं। इसके अलावा खरसाली, जानकीचट्टी, ओसला, पंवाणी, गंगाड़ सहित नौ गांवों में पेयजल आपूर्ति भी बाधित है, जिससे इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि संबंधित विभागों के कर्मचारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश इलाकों में रविवार देर रात तक व्यवस्थाएं सुचारु कर दी जाएंगी।
चमोली जिले में 100 से अधिक गांवों में अभी भी बर्फ की चादर बिछी हुई है। इनमें करीब 20 गांव अलग-थलग पड़े हैं। कई गांवों में तो एक से डेढ़ फीट तक बर्फ जमी हुई है। जोशीमठ के औली, तपोवन, रैणी, किमाणा, पांडुकेश्वर, हनुमानचट्टी, भ्यूंडार, करछौं, बडागांव, रविग्राम, परसारी, पगरासू, डुमक, कलगोट सहित दर्जनों गांव और दशोली ब्लॉक के पाणा ईराणी, पगना, गौणा आदि गांवों में भी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चोपता-गोपेश्वर हाईवे सारी तक खुला
कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे पर सारी तक आवाजाही शुरू हो गई है, लेकिन बनियाकुंड से आगे हाईवे अब भी बंद है। दूसरी तरफ सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग पर भी तीन किमी तक भारी बर्फ जमा है, जिससे वाहनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। यहां लोक निर्माण विभाग द्वारा बर्फ को साफ कर यातायात बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कुमाऊं में सदी सरदर्द बन गई है। बर्फबारी के चलते बंद हुई मुनस्यारी सड़क नौ दिन बाद भी नहीं खुल सकी है। इसके सोमवार शाम से पहले खुलने के आसार भी नहीं हैं। वहीं बागेश्वर में धीरे-धीरे करके जिंदगी पटरी पर आने लगी है।
यहां कई इलाकों में बिजली और संचार सेवा बहाल हो गई है। हालांकि अब भी कुछ जगहों पर पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। इधर, तराई में सर्दी का सितम जारी है। तराई और भाबर में शीतलहर और गलन से लोगों की कंपकंपी छूट रही है।