भारी बारिश के कारण आए मलबे से चीन सीमा को जोड़ने वाली लिपुलेख सड़क दो घंटे से अधिक समय तक बंद रही। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर बारिश के कारण सात से अधिक आंतरिक सड़कें भी बंद हुईं, जिसमें चार से अधिक सड़कों को खोल दिया गया है।
सीमांत पिथौरागढ़ जनपद में बेरीनाग में सर्वाधिक 10एमएम बारिश हुई। वहीं डीडीहाट में 5.0, धारचूला में 0.6 और मुनस्यारी में 2.0 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। भारी बारिश के कारण थल- हरड़िया के पास सड़क कुछ देर बंद रही, जिसे लोनिवि ने समय रहते खोल दिया।
बारिश के कारण नाचनी-बांसबगड़, कोटा सामा- तेजम, सोसा-सिर्खा, तवाघाट-सोबला, मदकोट- दारमा, पौड़ी घटकूना सड़क बंद हो गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार हो रही बारिश से पिथौरागढ़ नगर की आंतरिक सड़कों में जगह-जगह गड्ढे होने से जल भराव हो रहा है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने नगर की आंतरिक सड़कों में बने गड्ढों को भरने की मांग की है।
खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही काली
पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न हिस्सों में हो रही बारिश के कारण नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। काली नदी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे 888.05 मीटर पर बह रही है। इसका खतरे का निशान 890 मीटर है। गोरी नदी जौलजीबी खतरे के निशान से दो मीटर नीचे बह रही है। इसका जल स्तर 606.80 क्यूसेक नापा गया। सरयू नदी 445.50 और गोरी नदी मदकोट 1211.48 पर बह रही है।
वहीं, कालाढूंगी-हल्द्वानी मार्ग भाखड़ा जंगल में मुख्य हाईवे में विशाल पेड़ गिर गया। एक कार पेड़ की चपेट में आ गई। उसमें सवार शिक्षक बाल-बाल बचे। आवाजाही बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई है। हल्द्वानी बरेली रोड, गौरा पड़ाव गौला गेट के पास उफनाई गौला के तेज बहाव में कई डंपर बह गए। मंगलवार देर रात हुई भारी बारिश से गौला नदी उफान पर है। इसके तेज बहाव में तीन डंपर बह गए। एसपी सिटी ने लोगों को नदी में नहीं जाने की सलाह दी है। इधर, चोरगलिया में शेर नाला भी उफान पर है। सुबह पानी में एक यात्री बहने से बचा। शेरनाला के दोनों किनारों पर फोर्स तैनात की गई है।