चमोली जिले के घाट आपदा में प्रभावित धुर्मा गांव में आठ सितंबर को बादल फटने के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं। बरसाती गदेरे के कटाव से गांव के लगभग दस मकानों को खतरा बना हुआ है। अतिवृष्टि से गांव के पैदल रास्ते और पेयजल लाइन भी तहस-नहस हो गई है। साथ ही घाट-धुर्मा-सेरा मोटर मार्ग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है।
धुर्मा गांव में 50 से अधिक परिवार निवास करते हैं। आठ सितंबर को गांव के बीचोंबीच बह रहे बरसाती गदेरे के शीर्ष भाग में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। गदेरे के कटाव से जयवीर सिंह और विक्रम सिंह रावत के मकान भी बह गए हैं। जबकि महावीर सिंह, जय सिंह बिष्ट और वीरेंद्र सिंह के आवासीय मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीणों की कई हेक्टेयर भूमि भी बह गई है। राजकीय इंटर कॉलेज मोख धुर्मा की सुरक्षा दीवार भी बह गई है, जिससे विद्यालय भवनों को खतरा उत्पन्न हो गया है।
अभी भी क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही भारी बारिश से ग्रामीण दहशत में हैं। गांव के लगभग दस मकानों को गदेरे के कटाव से खतरा बना हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी का कहना है कि प्रभावित परिवारों को रसद और अन्य जरूरी सामग्री दी गई है। ग्रामीणों को भारी बारिश होने पर सुरक्षित स्थानों में शरण लेने के लिए कहा गया है। मौसम सामान्य होने पर गांव की सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे।