विवाद बढ़ने पर आसपास के दुकानदार भी एकत्र हो गए। बताया गया कि कुछ दुकानदारों ने लड़के के साथ हाथापाई भी की। इस पर लड़का देख लेने की धमकी देकर चला गया। सुधीर ने बताया कि वह जनसेवा केंद्र के ऊपर वाले हिस्से में रहते हैं।
मंगलवार रात करीब दो बजे केंद्र से धुंआ निकलता देख वह बाहर आए। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस और आसपास के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। उन्होंने बताया कि अगर समय पर आग पर काबू न पाया गया तो अंदर रखे इंवर्टर के दो बैटरों में आग लग सकती थी। पड़ोस की ही दुकान में सिलेंडर भी रखे थे। उन पर भी आग पकड़ सकती थी। जिससे आग फैलने से बड़ा हादसा हो सकता था।
सुधीर ने बताया कि जांच पड़ताल में ऐसा पता लगा है कि वहां पेट्रोल डालकर आग लगाई गई। उन्होंने दावा किया कि आग लगाने वालों में विवाद करने वाला लड़का भी शामिल था। दो लड़कों को चिह्नित भी कर लिया गया है।
हालांकि, सुधीर का कहना है कि लड़कों के अभिभावकों ने माफीनामे की बात कही है, इसलिए अभी वह इस संबंध में कोई पुलिस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वहीं, इंस्पेक्टर पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी का कहना है कि आग किसी ने लगाई है या शॉर्ट सर्किट से लगी है इस मामले की जांच कर रहे हैं।