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बादलों का कहरः बदरीनाथ हाईवे बंद, गैरसैंण में फटा बादल, चार गोशाला मलबे में दबीं

Tue, 06 Aug 2019 12:34 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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बादल फटने के बाद खेतों में पट गया मलबा - फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बादल कहर बरपा रहे हैं। मंगलवार तड़के उत्तराखंड के गैरसैंण में बादल फटा गया। जिससे भारी मात्रा में मलबा नीचे स्थित गांव में आ गया। गैरसैंण तहसील के पत्थरकटा गांव में आज तड़के चाड़ गधेरे(बरसाती नाला) में बादल फटने से चार गोशाला मलबे में दब गई हैं। सम्पर्क पुलिया व प्राथमिक विद्यालय का किचन तथा फरस्वाण गांव की पेयजल लाइन बह गई है। कुछ आवासीय मकानों में मलबा भर गया है।

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जानकारी के मुताबिक सोमवार को दिनभर और मंगलवार रात को भारी बारिश के कारण पत्थरकटा गांव में आज सुबह चार बजे चार गोशाला मलबे में दब गईं। गैरसैंण के रजिस्ट्रार कानूनगो राकेश पल्लव ने बताया कि प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है और वहां बादल फटा है। जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। 

वहीं मसूरी घंटाघर के पास दुकान का एक हिस्सा ढह गया। दुकान क्षतिग्रस्त होने से बिल्डिंग को भी खतरा हो गया है। एसडीएम मसूरी ने तत्काल बिल्डिंग को खाली करने के दिए निर्देश जारी किए हैं। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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हरिद्वार में पूरी रात हुई तेज बारिश से कई स्थानों पर जल भराव हुआ। जिससे लोग खासे परेशान रहे। वहीं सुबह बारिश में रानीपुर में पानी के तेज बहाव के चलते एक कार बह गई। आसपास के लोगों ने गाड़ी का शीशा तोड़कर युवक को सकुशल बाहर निकाला। यहां सुबह तेज बारिश के चलते चंडी देवी पहाड़ी का हिस्सा दरक गया है।

मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे समेत कई मार्ग बंद

रुद्रप्रयाग जनपद में देर रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। यहां तिलवाड़ा-मरडीगाड़ मोटर मार्ग पर बरसाती नाले में उफान आने से रास्ता बंद हो गया है। यहां कुछ वाहन मलबे में फंस गए हैं। चमोली जिले में देर रात से हो रही भारी बारिश सुबह भी जारी है। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में बंद है। उत्तरकाशी जनपद के गंगोत्री, यमुनोत्री धाम तथा समस्त तहसील क्षेत्रों में मौसम खराब बना हुआ है। लेकिन स्थिति सामान्य है। यहां सभी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात हेतु सुचारू हैं। 

कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग पर लोल्टी और थराली में मलबा आ गया है। जिससे मार्ग बंद पड़ा है। वहीं पिंडर घाटी में लगातार बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त है। अलकनंदा घाटी में सुबह से रिमझिम बारिश हो रही है। सिमली में आटागाड़ पुल के पास मलबा आने से कुछ देर वाहनों की आवाजाही बंद रही। मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया गया।

बारिश के कारण स्कूलों की छुट्टी 

चमोली जिले में थराली घाट मोटर मार्ग सोमवार से बंद है। डुंगरी से बूंगा और रतगांव को जाने वाली सड़कें भूस्खलन और मलबा आने से अवरुद्ध हो गई हैं। आज सुबह थराली देवाल मोटर मार्ग भी बंद हो गया। थराली तहसील में सभी स्कूलों में आज बारिश के कारण छुट्टी कर दी गई है।

वहीं टिहरी जिले के प्रतापनगर-कंगसाली-मदननेगी मोटर मार्ग पर बच्चों को लेकर स्कूल जा रही एक मैक्स कंगसाली के पास दुघर्टनाग्रस्त हो गई। हादसे में 08 से 10 छात्रों के घायल होने की सूचना है।

चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग 09 दो जगह पर बंद

चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग 09 दो जगह पर बंद पड़ा हुआ है। यहां रूट डायवर्ट किया गया है। बारिश की वजह से मार्ग खोलने में परेशानी हो रही है। आज सुबह धौन और स्वाला के पास सड़क में मलबा आया है। प्रशासन ने देवीधुरा मार्ग इस्तेमाल करने की अपील की है।

मलबा आने से टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे आए दिन बंद हो जाता है। सोमवार को भी धौन के पास भारी-भरकम चट्टान आने से 13 घंटे वाहनों की आवाजाही ठप रही। भारी मलबा आने से सड़क का 40 मीटर का हिस्सा धंस गया। पहाड़ी की तरफ लटके पत्थरों को निकालने और लगातार गिर रहे पत्थर से काम में अड़चन आई।

मार्ग बंद रहने से रोडवेज की दस बसों सहित 40 से अधिक वाहनों में सैकड़ों मुसाफिर फंसे रहे। हालात को देखते हुए डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने आपदा प्रबंधन, एनएच खंड व शिवालय कंपनी के इंजीनियर, त्वरित कार्यवाही दल (क्यूआरटी) के अलावा अग्निशमन दल को मौके पर भेजा। दोनों तरफ से लगी टीमें शाम 6.30 बजे मलबा हटाकर सड़क को खोलने में सफल रहीं।
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चार घंटे तक बंद रहा कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग

आज सुबह पहाड़ी से मलबा आने से पिथौरागढ़-मुनस्यारी मार्ग बंद हो गया है। वहीं सोमवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग दोबाट, ऐलागाड़ समेत कई स्थानों में मलबा गिरने और सड़क क्षतिग्रस्त होने से बंद रहा। कैलाश यात्रा पर जा रहे 14वें दल के 58 यात्री चार घंटे तक जाम में फंसे रहे। उधर, थल-मुनस्यारी सड़क डोर के पास बोल्डर गिरने से तीन स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। पिथौरागढ़-धारचूला सड़क कनालीछीना के पास गुड़ौली में मलFबा आने से सुबह एक घंटे तक बंद रही। 

धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार रविवार रात को तवाघाट-पांगला मार्ग एलागाड़, दोबाट, पांगला, गर्भाधार के साथ ही कई स्थानों में पहाड़ी दरकने से बंद हो गया था। वाहन स्वामी राजेंद्र सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर सड़क टूट गई थी। सुबह करीब 10 बजे सड़क से मलबा हटाया जा सका। इसके बाद यात्री आगे बढ़े। कैलाश मानसरोवर यात्रा के सहायक यात्राधिकारी धन सिंह धामी ने बताया कि सड़क बंद होने से कैलाश मानसरोवर यात्री चार घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे नजंग पहुंच पाए। धारचूला की रमतोली-गलाती-धामीगांव सड़क मलबा आने से रविवार से बंद पड़ी है। 

नाचनी से मिली जानकारी के अनुसार क्वीटी से आगे डोर के पास सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे भारी मात्रा में मलबा थल-मुनस्यारी सड़क पर आ गिया। इस कारण यह सड़क तीन स्थानों में बंद होने के साथ क्षतिग्रस्त हो गई। लोनिवि ने जेसीबी, डोजर लगाकर सड़क खोलने का काम शुरू किया। सड़क में भारी बोल्डर गिरने से सड़क खोलने में दिक्कत आई। शाम सात बजे तक भी सड़क में यातायात बहाल नहीं हुआ था। उधर, मुनस्यारी के जाराजीबली को जाने वाली सड़क मलबा आने से कई स्थानों पर बंद थी। वाहन संचालकों ने मलबा हटाया। 
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