मसूरी में बुधवार को भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लगी है। मसूरी की ज्यादातर सड़कें बंद हैं। मार्ग खोलने के लिए यहां कई जेसीबी लगाई गईं है। लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतें आ रही है।
मसूरी-देहरादून मार्ग पर लंबा जाम लगा। जिला प्रशासन द्वारा जेसीबी की मदद से सड़क से बर्फ को हटाने का काम किया जा रहा है। मसूरी आने-जाने वाले सभी रास्ते बंद होने के कारण दूध-सब्जी आदि की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
वहीं मसूरी में बुधवार को करीब नौ इंच बर्फ पड़ गई। पर्यटकों के भारी उत्साह और मौसम के सितम को देखते हुए बुधवार देर रात पुलिस ने मसूरी जाने वाले वाहनों की एंट्री बंद कर दी। मसूरी में दिनभर की बारिश के बाद शाम करीब पांच बजे से बर्फबारी शुरू हुई तो होटलों में ठहरे सैलानी बर्फबारी का लुत्फ उठाने बाहर निकल आए।
वहीं, धनोल्टी में फंसे पर्यटकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस से मदद मांगी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया। उधर, चकराता, त्यूनी और कालसी में चार सड़कें बंद हो गई हैं।
मौसम विभाग ने देहरादून में आज भी बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। दून और आसपास के कुछ इलाकों में बारिश भी हो सकती है। इसके बाद 10 और 11 जनवरी को शीतलहर का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने का कहा गया है। प्रदेश के पर्वतीय और ऊंचाई वालों के इलाकों में भारी बर्फबारी के चलते प्रदेश भर में 40 मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। इनमें लोक निर्माण विभाग के 26 प्रमुख मार्ग भी शामिल हैं।
बर्फ की कैंद में 330 गांव
उत्तराखंड में उत्तरकाशी और चमोली जिले में बर्फ में कैद गांवों की संख्या बढ़कर करीब 330 पहुंच चुकी है। देहरादून जिले के अंतर्गत जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर हुए हिमपात ने 40 वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए।
टिहरी जिले के धनोल्टी, नई टिहरी, चंबा, सुरकंडा, कद्दूखाल आदि क्षेत्रों में अपराह्न बाद जमकर बर्फबारी हुई। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम में सात फुट तक नई बर्फ जम चुकी है, जबकि पांच फुट बर्फ पहले से मौजूद थी। वहीं रुद्रपुर में ठंड से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। कुमाऊं में कम से कम चार मार्ग बंद हो गए हैं।
मौसम की खराबी के कारण लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी नैनीसैनी एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं। सुबह से ही मौसम खराब होने से विमान देहरादून से पिथौरागढ़ नहीं आ सका। यात्रियों को घंटों तक इंतजार करने के बाद लौटना पड़ा।
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक मुक्तेश्वर मार्ग धानाचूली और मोटापत्थर पर भारी बर्फबारी की वजह से बंद पड़ा है। भारी बर्फबारी के कारण नैनीताल में माल रोड, राजभवन रोड, हाईकोर्ट कैंपस, भवाली मार्ग बंद पड़ा हुआ है।
अल्मोड़ा जिले में मोतियापत्थर शहर फाटक वालिक रोड, शहरफाटर अल्मोड़ा और मोरनौला जैंती, सुवाखान डोरम चलनीछीना, बारीछीना शेराघाट, अर्तोला जागेश्वर नैनी, पनुआनौला बृधजागेश्वर, काफरखान बिंसर मार्ग बर्फबारी के कारण बंद हैं।
चंपावत में मुंच ताम्ली, खेतीखान, दूनाघाट-भिंराड़ा-रीठासाहिब, लालुवापानी-बनलेख, रीठामीनार मार्ग बर्फबारी के कारण बंद हैं। धारचूला में तवाघाट नारायण आश्रम मोटर मार्ग अत्यधिक बर्फबारी में बारिश हो रही है। जिस कारण मार्ग बंद है। मार्ग शुक्रवार दोपहर 2:00 बजे तक खुलने की संभावना है।
रानीखेत में मार्चुला स्यालदे देघाट सड़क पहाड़ी से मलबा आने से बंद है। कपकोट में शामा तेजम, शामा लिति, धर्माधर मार्ग बंद है। पिथौरागढ़ जिले में थल मुनस्यारी मोटर मार्ग भारी बर्फबारी के कारण बंद है। चकराता में कोटी कनासर रोड बर्फबारी के कारण बंद है। यहां दारागाड कथिया त्यूनी, कालसी चकराता, सहिया क्वानु, कालसी बैराटखाई, शहीद सुरेश तोमर, कोरुवा मार्ग बंद है। सभी को खोलने के जेसीबी काम कर रही हैं।