सरकार का ध्यान विकासपरक मुद्दों पर होना चाहिए। एनआरसी, सीएए जैसे मुद्दों के कारण जनहित से जुड़े मामले बहस का केंद्र नहीं बन रहे हैं। बैठक में सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. एसएन सचान, सीपीआई के राज्य सचिव समर भंडारी, सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता बची राम कंसवाल , माले के सचिव इंद्रेश मैखुरी सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
किशोर के शामिल होने से सामने आ सकती है एक और खींचतान
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर का इस बैठक में शामिल होना भी कांग्रेस में एक नई खींचतान को जन्म दे सकता है। वनाधिकार आंदोलन के मामले में किशोर को प्रदेश कांग्रेस का खास सहयोग नहीं मिल पाया है। अब एक समन्वय मंच के प्रतिनिधि के रूप में सामने आने से कांग्रेस में सवाल उठाए जा सकते हैं। हालांकि, किशोर का कहना है कि उनकी कोशिश जनहित के मुद्दों को मुख्यधारा में लाने की है।