गोविंदघाट के पास पिनोली में बृहस्पतिवार को बंद हुआ बदरीनाथ हाईवे तीसरे दिन भी नहीं खोला जा सका। लोग जान जोखिम में डालकर यहां पर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। हाईवे बंद होने से फंसे करीब 80 वाहनों में सवार यात्री और लोग हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं श्रीनगर में तोताघाटी में बंद ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे छठवें दिन भी बंद रहा।
14 घंटे बंद रही कर्णप्रयाग-नैनीसैंण सड़क
मलबा व बोल्डर आने से कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग 14 घंटे तक बंद रहा। लोनिवि ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई। मार्ग बंद होने से कई वाहन फंसे रहे।
क्षेत्र में दो दिन पहले हुई बारिश और उसके बाद तेज धूप से पहाड़ियां दरक रही हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य बृजेश बिष्ट ने बताया कि शनिवार रात को कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग पर गड़कोट के पास भारी मात्रा में मलबा व पत्थर आ गए। इस दौरान कुनेथ, जस्यारा, कंडारा, खत्याड़ी, किमोली, फलोटा, नैनीसैंण आदि गांवों के लोग सुबह जरूरी कामों के लिए कर्णप्रयाग नहीं आ सके। लोनिवि के ईई एसके गुप्ता ने कहा कि दोपहर एक बजे सड़क से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया।
भटवाड़ी में भूस्खलन से सात घंटे तक अवरुद्ध रहा गंगोत्री हाईवे
बीते करीब एक हफ्ते से जिले में रोजाना हो रही बारिश शनिवार को थमने पर लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि जगह-जगह भूस्खलन से सड़कें अवरुद्ध होने का सिलसिला जारी है। शनिवार को भटवाड़ी के पास भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गया। यहां करीब सात घंटे बाद यातायात बहाल हो पाया। मौसम खुलने पर सड़क संबंधी विभाग सड़कों के डेंजर जोन वाले हिस्सों को दुरुस्त करने में जुटे हैं।
प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा या अन्य कारणों से फसलों को होने वाले नुकसान का आकलन करने के लिए सरकार प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर मौसम केंद्र (वेदर सेंटर) स्थापित करेगी। फसल बीमा योजना के तहत नुकसान का आकलन करने के लिए सरकार मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में क्षेत्र के मानकों को बदलाव करने की तैयारी कर रही है।
फसल बीमा योजना के तहत अभी तक मैदानी क्षेत्रों में न्याय पंचायत और पहाड़ों में तहसील स्तर पर नुकसान का आकलन किया जाता है। अब सरकार इस मानक को बदल कर मैदानों में ग्राम पंचायत स्तर और पहाड़ों में न्याय पंचायत स्तर करने की तैयारी की रही है।
नुकसान का आकलन क्रॉप कटिंग पैटर्न से किया जाता है। पर्वतीय क्षेत्रों में मानव संसाधन की कमी के कारण क्रॉप कटिंग में कामयाबी न मिलने से सरकार ने मौसम केंद्र के माध्यम से नुकसान का आकलन करने योजना बनाई है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में आउटसोर्स के जरिये क्रॉप कटिंग का डाटा एकत्रित किया जाएगा।
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आपदा या अन्य कारणों से फसलों को खासा नुकसान होता है। फसल बीमा योजना में नुकसान के आकलन करने के लिए क्षेत्र के मानकों में बदलाव किया जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों में न्याय पंचायत स्तर पर आकलन होगा। इसके लिए प्रत्येक न्याय पंचायत में मौसम केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
शुक्रवार को घाट पिथौरागढ़ सड़क तीन जगहों पर मलबा आने से 17 घंटे बंद रही। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि घाट से पिथौरागढ़ तक सड़क निर्माण के लिए 20 से अधिक जेसीबी और पोकलैंड मशीन लगाई हैं। लेकिन सड़क बंद होने के बाद ये मशीन घटना स्थल पर सड़क खोलने के लिए समय से नहीं पहुंच पा रही हैं।
घाट पिथौरागढ़ सड़क के बंद रहने से लंबी दूरी पर जाने वाले वाहनों के साथ कई अन्य वाहन फंसे रहे। जाम में अखबार, सब्जी, डीजल की गाड़ियां भी फंसी रही।
पिथौरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश से मासूरी-कांडा होकरा, बांसबगड़-गूंठी, पौड़ी-गटकून्ना, चिरकिला जमकू, बांसबगड़-मानीधामी दाखिम, कालिका-खुमती ग्रामीण सड़क मार्ग बंद होने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने शीघ्र बंद सड़कों को खोलने की मांग की है।