ऊंची चोटियों पर हिमपात और बारिश के बीच पहाड़ से लेकर मैदान तक ठंड बढ़ गई है। थल-मुनस्यारी सड़क में वाहनों का संचालन हो रहा है लेकिन अगर बर्फबारी ऐसे ही जारी रहीं तो सड़क एक बार फिर बंद हो सकती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को सभी उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। इधर, सरोवर नगरी नैनीताल में ओलावृष्टि के बाद झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। कड़ाके की ठंड के चलते यहां पहुंचे सैलानियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दो दिन तक साफ रहने के बाद बृहस्पतिवार को मौसम का मिजाज फिर से बिगड़ गया। सुबह के समय आसमान में हल्के बादल थे। दिन भर धूप-छांव का खेल चलता रहा। अपराह्न तीन के बजे के बाद अचानक आसमान बादलों से घिर गया। इस दौरान पंचाचूली, राजरंभा, खलियाटॉप, हंसलिंग, मिलम, नंदा देवी आदि स्थानों पर जमकर बर्फबारी हुई। शाम पांच बजे पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय सहित अन्य निचली घाटियों में बारिश हुई।
बागेश्वर जिले में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के चलते उत्तरायणी मेले में लोग भी कम ही नजर आए और यहां आए आए व्यापारियों को भी काफी परेशानी हुई। सरयू का जलस्तर बढ़ने से उत्तरायणी मेले में लगी दुकानों में पानी भरने का भी खतरा है। कपकोट और पिंडारी क्षेत्र में बर्फबारी से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
कई सड़कें, बिजली आपूर्ति, संचार व्यवस्था डगमगाई है। पिंडर घाटी के लोग सबसे अधिक परेशान हैं। कपकोट के ग्राम लीती, खाती, वाछम, समडर, जांतोली, कुंवारी, झूनी, खलझूनी, बदियाकोट, हाम्टी कापड़ी, कर्मी, शामा में बर्फबारी हो रही है। अल्मोड़ा में बादलों के बीच धूप खिली लेकिन दोपहर बाद घने बादल छाए और शाम को बारिश शुरू हो गई। पर्यटन नगरी रानीखेत और द्वाराहाट में भी बूंदाबांदी के बीच बीच एक बार फिर से ठंड बढ़ गई है। द्वाराहाट में भी बूंदाबांदी के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है। चंपावत में बरसात के कारण जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया।
बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सरोवर नगरी नैनीताल में सुबह से आसमान बादलों से घिरा हुआ था और पहाड़ियों में कोहरा लगा था। साढ़े ग्यारह बजे के करीब कुछ देर के लिए बूंदाबांदी हुई। तीन बजे के करीब ऊंचाई वाले क्षेत्रों के अलावा तल्लीताल व मल्लीताल में हिमकण गिरने लगे जिससे एकाएक ठंड बढ़ गई। शाम से शुरू हुई बारिश रात तक जारी रही। मैदानी क्षेत्र हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर जिले में भी शाम को हुई बारिश से ठंड बढ़ गई है।
बर्फबारी से बंद पड़े बदरीनाथ हाईवे और जोशीमठ-मलारी हाईवे को खोलने में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) जुटा हुआ है। बीआरओ ने कंचन गंगा तक हाईवे सुचारु कर दिया है। यहां कई जगहों पर हिमखंडों काटकर हाईवे सुचारु किया गया है, जबकि जोशीमठ-मलारी हाईवे पर मलारी तक वाहनों की आवाजाही सुचारु हो गई है। सड़कों के खुलने से सेना और आईटीबीपी के जवानों ने राहत की सांस ली है।
12 दिसंबर से रुक-रुककर हो रही बर्फबारी से बदरीनाथ और मलारी हाईवे बंद हो गए थे। बदरीनाथ हाईवे पर हनुमान चट्टी से आगे देश के अंतिम गांव माणा तक लगभग आठ फीट तक बर्फ जमी है। मार्ग से बर्फ हटाने के लिए बीआरओ की जेसीबी लगातार काम कर रही है। बृहस्पतिवार को कंचनगंगा तक हाईवे सुचारु कर दिया गया है। वहीं, जोशीमठ-मलारी हाईवे खोलने का काम भी युद्धस्तर पर जारी है।
यहां बीआरओ की जेसीबी और मजदूरों ने मलारी तक हाईवे सुचारु कर दिया है। बीआरओ के कमांडर मनीष कपील का कहना है कि बदरीनाथ हाईवे से बर्फ हटाने के लिए चार जेसीबी लगी हैं। जल्द ही माणा गांव तक हाईवे खोल दिया जाएगा। मलारी हाईवे पर बर्फ काटकर सेना व आईटीबीपी के वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। इन मार्गों पर आठ से लेकर 10 फीट तक बर्फ जमी है, जिससे मार्गों को खोलने में काफी परेशानी हो रही है।