गढ़वाल में शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ, मदमहेश्वर, तुंगनाथ, चंद्रशिला सहित ऊंचे स्थानों पर जोरदार बर्फबारी हुई। जिला मुख्यालय समेत मैदानी हिस्सों में देर शाम तक बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हुआ। चमोली जिले में बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, लाल माटी, फूलों की घाटी, गोरसों और औली के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुककर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला बना रहा। बारिश-बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है।
ऑल वेदर रोड वाले हिस्सों में बदहाल हुई सड़क
बारिश के चलते ऑल वेदर रोड वाले हिस्सों में सड़कें बदहाल हो गई हैं। जगह-जगह जल भराव होने के साथ ही पहाड़ी से मलबा आने का भय बना हुआ है। जिला मुख्यालय पर ज्ञानसू के अलावा बड़ेथी चुंगी, मातली, धरासू बैंड, ब्रह्मखाल क्षेत्र में सड़कों का बड़ा हिस्सा तालाब में तब्दील होने से यहां आवाजाही खासी जोखिम भरी हो गई है। संबंधित एजेंसियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिए जाने से स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है।
विद्युत, पेयजल आदि व्यवस्थाओं पर भी बारिश और बर्फबारी भारी पड़ी है। पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से बड़कोट नगर की पेयजल आपूर्ति बृहस्पतिवार शाम से ठप पड़ी है। खरसाली गांव में भी तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है।
इस हाल में लोग बारिश का पानी एकत्र कर काम चलाने को मजबूर हैं। भारी बारिश से बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त होने से दशगी भंडारस्यूं क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बृहस्पतिवार शाम को ठप हो गई थी, जिसे शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे बहाल किया जा सका।
बर्फबारी वाले क्षेत्रों में पशु चारे का संकट भी गहरा गया है। सुक्की गांव निवासी मोहन सिंह राणा ने बताया कि पूरा क्षेत्र बीते दिसंबर माह से बर्फ से ढका होने के कारण पशुओं के लिए चारा उपलब्ध नहीं है। घरों में जमा चारा भी खत्म हो गया है। उन्होंने पशुपालन विभाग से पशु चारा उपलब्ध कराने की मांग की है।