2023 में ट्रॉली भी नदी में थी बह गई
तौलिया काटल की प्रधान रेखा, क्षेत्र पंचायत सदस्य पवित्रा देवी और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ओम प्रकाश पंवार ने बताया कि वर्ष 2022 में पुरानी पैदल पुलिया नदी में बह गई थी। इस कारण उस बरसात के सीजन में इन गांवों में हेलीकॉप्टर से राशन भिजवाना पड़ा। पुलिया बहने पर लोनिवि थत्यूड़ ने नदी के आरपार जाने के लिए ट्रॉली लगाई, लेकिन कुछ समय बाद ही 2023 में ट्रॉली भी नदी में बह गई। उसके बाद बरसात का सीजन काला पानी की सजा की तरह भुगतना पड़ रहा है। कोई सुध लेने वाला नहीं है।
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उन्होंने बताया कि दुबड़ा-रंगड़ गांव 15 किमी मोटर मार्ग पर चिफल्टी नदी पर पुल बनना था, लेकिन अभी तक उस पर 10 प्रतिशत काम भी नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने पुल निर्माण की धीमी कार्य प्रगति पर नाराजगी जताते हुए पीएमजीएसवाई से अगले बरसात के सीजन से पहले पुल तैयार करने की मांग की है।
दुबड़ा-रंगड़ गांव मोटर मार्ग के नौ किमी पर 1.9 करोड़ रुपये की लागत से 30 मीटर पुल प्रस्तावित था, लेकिन बारिश के कारण अब पुल का स्पान बढ़कर 48 मीटर हो गया है। नए स्पान का पुल बनाने के लिए जनवरी 2024 में शासन को 3.67 करोड़ का प्रस्ताव फिर से भेजा गया है। बजट मिलते ही पुल निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - जीपी नौटियाल, ईई पीएमजीएसवाई द्वितीय नई टिहरी।