निजमुला घाटी के 13 गांवों में बिजली ठप
चमाेली के निजमुला घाटी के 13 गांवों में बिजली सप्लाई पड़ी ठप। बारिश के बीच टिटरी तोक में चीड़ का पेड़ बिजली की लाइन पर गिरने से तार टूट गए हैं। जिससे घाटी में बिजली की सप्लाई ठप पड़ गई है। चमोली जिले में रविवार को दोपहर बाद से निचले क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है, जिससे मौसम में ठंडक आ गई है।
बदरीनाथ की ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी
बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर रविवार को बर्फबारी हुई, जबकि बदरीनाथ धाम सहित निचले क्षेत्रों में बारिश से ठंड बढ़ गई है। वहीं लगातार हो रही बारिश से काश्तकारों की चिंता बढ़ गई है। रविवार को सुबह से मौसम बदला रहा। दोपहर बाद बदरीनाथ धाम में बारिश और ऊंची चोटियों में बर्फबारी शुरू हुई। हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई है। बदरीनाथ धाम में कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे धाम में मास्टर प्लान के कार्य काफी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं निचले क्षेत्रों में भी शनिवार और रविवार को दोपहर बाद बारिश हुई है। कई दिनों से मौसम का मिजाज बदला होने से गोपेश्वर सहित आसपास के इलाकों में ठंड काफी बढ़ गई है। उधर लगातार हो रही बारिश से अब काश्तकार चिंतित होने लग गए हैं। पोखरी क्षेत्र के काश्तकारों का कहना है कि गेहूं, जौ की फसल पकने के कगार पर है। यदि बारिश का सिलसिला ऐसा ही रहा तो फसल पर इसका काफी बुरा असर पड़ेगा। साथ ही खेतों में नमी बढ़ने से धान की बुआई में भी दिक्कत आ सकती है।
केदारनाथ, तुगनाथ व मद्महेश्वर में हुई बर्फबारी
ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रसिद्ध शिव तीर्थ केदारनाथ, तुंगनाथ और मदमहेश्वर मंदिर क्षेत्रों में रविवार को भी बर्फबारी हुई जबकि निचले इलाकों में तेज से बारिश हुई है। केदारनाथ धाम में बर्फ की सफेद चादर बिछी है। निचले इलाकों में रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ और आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है।