दस साल पहले मिले थे दो वेदर सिस्टम
आज से दस साल पहले यानी साल 2013 में दो वेदर सिस्टम उत्तराखंड में आपस मिले थे। इससे ही केदारनाथ में भीषण आपदा आई थी। मौसम विज्ञानिकों का कहना है दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग जैसे-जैसे बढ़ेगी, मौसम प्रणालियों के मिलने की घटनाएं भी बढ़ेंगी। इसके चलते बारिश की तीव्रता भी और ज्यादा बढ़ सकती है। बिक्रम सिंह ने कहा, बीते रविवार को हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवा का मिलन हुआ था। इस वजह से उत्तर भारत में जमकर बारिश हो रही है।
ऋषिकेश, हरिद्वार और आशारोड़ी में सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों में ऋषिकेश, हरिद्वार और आशारोड़ी में सबसे अधिक बारिश हुई है। ऋषिकेश में 31 सेमी, हरिद्वार के रोशनाबाद में 23, हरिद्वार में 21, आशारोड़ी में 21, लक्सर में 15 और रुड़की में 9 सेमी बारिश हुई। जबकि, जौलीग्रांट में 12, त्यूणी में 9, चकराता में 8, देहरादून में 8 और मसूरी में 7 सेमी बारिश हुई।