चमोली जिले में धूप खिलने से लोगों को राहत तो मिल गई है, लेकिन सुबह और शाम चल रही बर्फीली हवाओं से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। शनिवार रात से रविवार तक हुई बर्फबारी के बाद अभी भी कई गांवों में दुश्वारियां कम नहीं हो पाई हैं। जिले के ईराणी, पाणा, झींझी, कनोली, सुतोल, रामणी, पडेरगांव में अभी भी रास्ते और सड़क पर बर्फ जमी हुई है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पाइपों में पानी भी जम गया है।
ईराणी गांव के दस किलोमीटर के पैदल रास्ते में अभी भी लगभग डेढ़ फीट तक बर्फ जमी हुई है। साथ ही गांव के पेयजल स्रोत भी जम जाने से ईराणी पेयजल योजना ठप पड़ी हुई है। ग्रामीण प्राकृतिक पेयजल स्रोतों से पीने के पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। वहीं, घाट क्षेत्र के गांवों में खेतों में भी बर्फ जमी होने से ग्रामीणों को मवेशियों के लिए घास की व्यवस्था करना भी मुश्किल बना है।
रामणी गांव के मकर सिंह, दिनेश और सूरज पंवार ने बताया कि घाट-रामणी सड़क पर बर्फ के साथ पाला जमने से वाहन रपट रहे हैं। दो दिनों से धूप खिलने के बाद कोरी ठंड पड़ रही है। वहीं, जोशीमठ क्षेत्र में सुबह और शाम को बर्फीली हवाएं चल रही हैं। सड़क किनारे लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं।