चमोली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की 45 सड़कें भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से बंद हैं। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग गोपेश्वर की 7, प्रांतीय खंड कर्णप्रयाग की 8, पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग की 10, पीएमजीएसवाई (लोनिवि) पोखरी की छह सड़कें कई दिनों से बंद हैं जिससे ग्रामीण को लंबी दूरी तक जरूरी सामग्री पीठ पर लादकर जाना पड़ रहा है।
ईराणी गांव के पूर्व प्रधान मोहन सिंह नेगी का कहना है कि भूस्खलन से पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं। वीर गंगा पर पैदल पुलिया बह जाने से और निजमुला सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को करीब 14 किलोमीटर तक पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। जरूरी सामग्री को ग्रामीण पीठ पर लादकर ले जा रहे हैं। वहीं उमट्टा-मौणा, चमोली-पलेठी-सरतोली, गडोरा-अमरपुर-रैतोली, पुरसाड़ी-पलेठी, बगोली-कोटी, धुर्मा कुंडी-नंदानगर, घाट-उस्तोली-सरपाणी सड़क भी बंद हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई है। बार-बार बारिश होने से खोली गई सड़कें दोबारा बाधित हो रही हैं। सड़कों को शीघ्र सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।