जौनुपर विकास खंड के ग्राम पंचायत बांडाचक के कंडाल गांव में अतिवृष्टि से खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है। सोमवार शाम पांच बजे जौनपुर क्षेत्र में एकदम तेज बारिश हुई। झीड़खाले में बाढ़ आने से पानी और मलबा खेतों में जा घुसा। गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। थत्यूड़-बांडाचक सड़क पर खड़ी तीन बाइक मलबे में दब गई हैं। थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि मलबे में बाइक दबी है। उन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है। क्षेत्र के सुनील सजवाण ने शासन-प्रशासन से अतिवृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कर प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की है।
ओलावृष्टि से चार लाख मछलियों के बीज हुए नष्ट
भिलंगना ब्लॉक के सौंप गांव में आजीविका संवर्द्धन के लिए ग्रामीणों के ओर से बनाए गए टैंकों को ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने से चार लाख से अधिक मछलियों के बीज को नुकसान हुआ है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे, इनवर्टर और जेनरेटर सेट भी जल गए हैं। प्रभावितों ने शासन-प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
समिति के दिनेश बिष्ट और भगत सिंह के अनुसार सोमवार तड़के एक बजे के करीब ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने से टैंकों में मौजूद दो-दो माह के मछली के करीब चार लाख बीज मर गए। इस संबंध में मत्स्य निरीक्षक आमोद नौटियाल ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। विभाग के कर्मियों को गांव भेजा है। पीड़ित काश्तकारों की मदद के लिए आपदा सहित अन्य मद से सहायता देने का प्रयास किया जाएगा।
आकाशीय बिजली गिरने से पांच मवेशी मरे
भेंटी गांव के लोद तोक में आकाशीय बिजली गिरने से अब्बल सिंह फर्स्वाण की दो भैंस, दो बैल और एक गाय मलबे में दब गई। गोशाला भी पूरी तरह नष्ट हो गई है। पूर्ण सिंह की गोशाला को भी काफी नुकसान हुआ है। सूचना पर राजस्व उपनिरीक्षक मोहन सिंह बिष्ट और पशुपालन के कर्मचारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया और नुकसान का जायजा लिया।
अगस्त्यमुनि ब्लॉक के खांकरा, फतेहपुर और जखोली ब्लॉक के कोटली में अतिवृष्टि से कई गांवों में व्यापक नुकसान हुआ। कई आवासीय घरों व गौशालाओं में मलबा घुस गया है। साथ ही कई मकानों को क्षति भी पहुंची हैं। सड़कें व पैदल मार्ग भी जगह-जगह बाधित हो गए हैं।
सोमवार शाम को हुई मूसलाधार बारिश के बीच बच्छणस्यूं पट्टी के ग्राम पंचायत खांकरा में ऊपरी जंगल में हुई अतिवृष्टि से चित्रमति नदी उफान पर आ गई। ऐसे में पत्थर व मलबे का सैलाब खांकरा के कई घरों व दुकानों में घुस गया। इस दौरान कई मकानों के आगे पुश्ते भी ध्वस्त हो गए हैं।
साथ ही एक ढाबा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। उधर, फतेहपुर गांव में भी कई घरों व गौशाला में मलबा घुसा है। भारी मलबे के कारण खांकरा-कांडई-खेड़ाखाल मोटरमार्ग भी फतेहपुर के समीप बाधित हो गया है। इसके अलावा नरकोटा गांव में भी घरों व खेतों में मलबा घुसने से काफी नुकसान की सूचना है। यहां मलबे के कारण बदरीनाथ हाईवे पर अवरुद्ध हो गया है, जिसे एनएच द्वारा मशीनों की मदद से खोल दिया गया है।
उधर, जखोली ब्लॉक के कोटली में भी अतिवृष्टि से खेतीबाड़ी को नुकसान की सूचना है। गांव के पैदल रास्ते भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गैरसारी में भी कई घरों में मलबा घुसा है। पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र ममगाईं, प्रदीप मलासी, चंद्रमोहन, मोहित डिमरी आदि ने प्रशासन से क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावितों को त्वरित मदद देने की मांग की है।