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Uttarakhand Weather: बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट, मई में दिसंबर-जनवरी जैसी सर्दी का अहसास

Thu, 07 May 2026 11:56 AM IST
Renu Saklani गंगादत्त थपलियाल, संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी

सार

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आज सुबह से बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अप्रैल-मई में ही दिसंबर-जनवरी जैसी सर्दी महसूस होने लगी है। मसूरी मॉल रोड समेत प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, जबकि घने कोहरे, जलभराव और फिसलन के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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बारिश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। ठंडी हवाओं और घने कोहरे के चलते तापमान में गिरावट आई है। मई महीने में ही लोगों को कड़ाके की सर्दी का अहसास होने लगा है। लगातार बारिश से  मसूरी मॉल रोड समेत प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, वहीं जलभराव और फिसलन के कारण जनजीवन भी प्रभावित हो गया है।

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पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार बारिश  के चलते जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण शहर में ठंड अचानक बढ़ गई है और मौसम में दिसंबर-जनवरी जैसी सर्दी का अहसास होने लगा है। बुधवार को शहर में बारिश के चलते मॉल रोड सहित प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। पर्यटक जहां अपने होटलों में ही कैद बनकर रह गए। वहीं स्थानीय लोगों को भी दैनिक कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।




लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मौसम के इस बदले मिजाज ने अप्रैल-मई के महीने में सर्दियों की याद दिला दी है। बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव और फिसलन की स्थिति भी बनी हुई है। शहर में बारिश के साथ ही घना कोहरा भी छाया रहा । शहर में अधिकतम तापमान गिरकर 14 डिग्री तक लुढ़क गया है ।
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पिंडर घाटी में मई में दिसंबर जैसी ठंड, फसलों को भारी नुकसान

चमोली के पिंडर घाटी में मई माह में भी दिसंबर जैसी ठंड महसूस की जा रही है, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बुधवार को थराली सहित पूरे पिंडर घाटी में मौसम का मिजाज बदला। सुबह से बादलों की लुकाछिपी के बाद दोपहर में आंधी और बौछारें गिरीं।

इससे तापमान में गिरावट आई और ठंड का अहसास बढ़ गया। वही आदिबदरी में अप्रैल के तीसरे सप्ताह से लगातार आंधी-तूफान और बारिश हो रही है। इस कारण मई में भी लोगों को स्वेटर और जैकेट पहनने पड़ रहे हैं। कर्णप्रयाग में बुधवार को दोपहर तक धूप खिली रही। जबकि दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और आसमान में बादल छाए। 

हरिद्वार में सुबह से ही बारिश
हरिद्वार में सुबह से ही बारिश का दौर जारी है। मई के शुरुआत से लेकर अब तक तीन दिन की बारिश से मौसम भी पूरी तरह नम हो गया है। बुधवार को दिन में तेज धूप और गर्मी हुई लेकिन बृहस्पतिवार की सुबह से ही अचानक पारा गिरा। लोगों ने ठंड का एहसास किया। लगातार बारिश होने से चारधाम यात्री और अन्य श्रद्धालु भी कम दिखाई दिया। लोग अपने ठिकानों पर ही रहकर मौसम साफ होने का इंतजार करते देखे गए ।
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घनसाली में ओलावृष्टि का कहर, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
विकासखंड भिलंगना के तमाम क्षेत्रों में बीते एक सप्ताह से लगातार हो रही तेज बारिश और भारी ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई इस प्राकृतिक मार से खासकर गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार, कई किसानों ने अपनी आधी गेहूं की फसल काटकर घरों में सुरक्षित रखने की कोशिश की थी, लेकिन लगातार बारिश और धूप न निकलने के कारण यह फसल भी खराब होने लगी है। वहीं खेतों में खड़ी बाकी फसल ओलावृष्टि की चपेट में आकर पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम की मार ने उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। फसल खराब होने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर जल्द मुआवजा देने की मांग की है, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके। लगातार बिगड़ते मौसम ने न केवल कृषि कार्यों को प्रभावित किया है, बल्कि क्षेत्र में जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है। किसान अब मौसम साफ होने और प्रशासन से सहायता मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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