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पिथौरागढ़-घाट हाइवे: 46 घंटे बाद भी नहीं खुली सड़क, चीन सीमा को जोड़ने वाला रास्ता भी बंद

Thu, 17 Jun 2021 10:58 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़/चंपावत

सार

सड़क खुलने की उम्मीद में बृहस्पतिवार को पिथौरागढ़ से घाट के लिए निकले यात्री मीना बाजार में ही फंसे रहे।
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पिथौरागढ़ हाईवे बंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मलबा आने से बंद पिथौरागढ़-घाट नेशनल हाइवे बृहस्पतिवार को भी नहीं खोला जा सका। पिथौरागढ़ और घाट की ओर पिछले 46 घंटे से सैकड़ों वाहन फंसे हैं। बारहमासी सड़क के बंद होने से बसों और टैक्सियों सहित अधिकतर वाहनों का संचालन थल-बेड़ीनाग-सेराघाट मार्ग से हुआ। हाइवे पर टनकपुर से घाट तक आवाजाही सुचारू हो गई है। इधर, चीन सीमा को जोड़ने वाली घट्टाबगड़-लिपूलेख सड़क आठ दिन बाद भी खोली नहीं जा सकी है।

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Uttarakhand: चीन सीमा के लिए सड़क बंद, खतरनाक रास्तों से आवागमन कर रहे लोग, वीडियो...

मंगलवार रात करीब नौ बजे बारहमासी सड़क के दिल्ली बैंड पर मलबा आ गया था। रात भर मूसलाधार बारिश होने से घाट से दिल्ली बैंड तक तीन स्थानों सहित चुपकोट बैंड भी भारी मलबा आ गया था। बुधवार सुबह से सड़क खोलने का काम शुरू हुआ लेकिन लगातार पहाड़ी के दरकने और विशालकाय बोल्डर होने से इस स्थान पर शाम को मलबा हटाया जा सका, लेकिन दिल्ली बैंड में बुधवार शाम को बारिश के कारण सड़क खोलने का काम रोकना पड़ा। बृहस्पतिवार को भी दिल्ली बैंड सहित घाट चौकी के पास आए बोल्डरों को हटाने का काम दिनभर जारी रहा। इसके बावजूद सड़क नहीं खुल सकी।
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सड़क खुलने की उम्मीद में सुबह पिथौरागढ़ से घाट की ओर निकले यात्रियों को दिनभर इंतजार के बाद लौटना पड़ा। घाट की ओर फंसे सभी यात्री वाहन बृहस्पतिवार को गंगोलीहाट-बेड़ीनाग होकर पिथौरागढ़ पहुंचे, जबकि फल सब्जी और ट्रांसपोर्ट का सामान ला रहे ट्रक बड़ी संख्या में घाट की ओर फंसे हुए हैं। पिथौरागढ़ की ओर फंसे वाहन चालक मीना बाजार के ढाबे में खाना खा रहे हैं जबकि घाट की ओर फंसे ट्रक चालकों को खाना और पानी तक नहीं मिल पा रहा है। इधर, टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग घाट तक बुधवार शाम चार बजे खुल गया है। भारतोली और घाट चौकी क्षेत्र में आए मलबे को हटाने के बाद इस सड़क पर आवाजाही सुचारु हो गई। एनएच तो खुल गया, लेकिन चंपावत जिले में ग्रामीण क्षेत्रों की 25 सड़कें अभी बंद हैं। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला का कहना है कि यहां से बीच-बीच में पत्थरों के गिरने से खतरा बरकरार है।

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30 लाख मूल्य की सब्जी और फल हुए बर्बाद

मंगलवार रात से बारहमासी सड़क के बंद होने से सब्जी और फल के व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कुछ सब्जी लदे ट्रक बृहस्पतिवार को बेड़ीनाग-थल होकर पिथौरागढ़ पहुंचे जबकि बुधवार की सुबह से फंसे 10 से अधिक ट्रकों में लदी सब्जी और फल खराब हो चुके हैं। व्यापारी सलीम ने बताया कि एक ट्रक में कम से कम तीन लाख मूल्य की सब्जी लदी होती है। बीन्स, शिमला मिर्च, टमाटर, आम खराब हो चुका होगा। केवल आलू प्याज ही उपयोग में लाया जा सकेगा। ट्रक स्वामियों के अनुसार बेड़ीनाग-थल से घूमकर आने से सौ किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। ऐसे में हजारों रुपये डीजल में ही फुंक जाएंगे। 

लोहाघाट से 24 घंटे बाद पिथौरागढ़ पहुंचे शेर बहादुर
लोहाघाट से पिथौरागढ़ की 60 किमी की दूरी तय करने में अधिकतम ढाई से तीन घंटे का समय लगता है, लेकिन सड़क बंद होने से पिथौरागढ़ के बलतड़ी गांव निवासी शेर बहादुर खत्री 24 घंटे में पिथौरागढ़ पहुंच सके। बलतड़ी गांव निवासी शेर बहादुर ने बताया कि लोहाघाट गए थे। बुधवार को जीप में बैठकर पिथौरागढ़ के लिए चले लेकिन सड़क बंद होने से घाट से तीन किमी पहले से पैदल आना पड़ा। घाट में भी सड़क बंद होने से मीना बाजार तक भी नहीं पहुंच पाया। जंगल में एक ढाबे के बेंच में ही रात गुजारी। इसके बाद सुबह घाट से पैदल चलकर तीन बजे पिथौरागढ़ पहुंच सके। शेर बहादुर ने बताया कि रास्ते में भोजन पानी कुछ नहीं मिला। लगातार 30 किमी पैदल चलने से वह थक चुके हैं। 
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