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उत्तराखंड: बदरीनाथ, हेमकुंड, फूलों की घाटी में बर्फबारी, पांच जिलों में बृहस्पतिवार को आंधी का खतरा

Wed, 19 Feb 2020 08:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड में मौसम ने आज फिर करवट बदली है। सुबह से ही राजधानी देहरादून समेत मैदान के कई इलाकों में बादल छाए रहे। बुधवार सुबह से ही गोपेश्वर जिले में मौसम का मिजाज बदला रहा। यहां दोपहर के समय ऊंचाई वाले इलाकों बदरीनाथ, हेमकुंड, फूलों की घाटी आदि स्थानों पर बर्फबारी शुरू हो गई। जिससे निचले इलाकों में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। 

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पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ होने से ठंड कुछ कम हो गई थी। लेकिन बुधावर को एक बार फिर मौसम ने करवट बदली और ठंड फिर शुरू हो गई। पूरे दिन जिले में मौसम का मिजाज बदला रहा। गोपेश्वर, चमोली, पीपलकोटी, घाट, पोखरी सहित अन्य जगह पर बादल छाए रहने से हल्की धूप निकली। जिससे ठंड से राहत नहीं मिली।

राज्य के कुछ पहाड़ी इलाकों में ओले गिरने की आशंका

राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के पांच जिलों में बृहस्पतिवार रात से 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। वहीं, कुछ पहाड़ी इलाकों में ओले गिरने का भी अनुमान है।

मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के कई इलाकों में तेज आंधी चल सकती है। वहीं, राज्य के ज्यादातर इलाकों में हल्के बादल भी छाये रह सकते हैं। कुछ इलाकों में तेज गरज और चमक के साथ हल्की बारिश होने का भी अनुमान है। तीन हजार से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ भी गिर सकती है। 

इससे पहले बुधवार को राजधानी दून समेत कई क्षेत्रों में हल्के बादल छाये रहे। सुबह से बादल छाये रहने के चलते धूप अपेक्षाकृत हल्की रही। दिनभर बादलों और सूरज के बीच आंख मिचौली चलती रही। इससे अधिकतम तापमान में मामूली कमी भी देखी गई।

मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश के लगभग सभी क्षेत्रों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि रात के समय अधिकांश इलाकों में गरज और चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।

धुंध के कारण नैनीसेनी से नहीं उड़ सका विमान

मौसम खराब रहने के कारण पिथौरागढ़ जिले के नैनीसेनी से विमान उड़ान नहीं भर पाया। सभी छह उड़ानें रद्द कर दी गईं। विमान सेवा बंद रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।बुधवार को आसमान में बादल और धुंध छाने के कारण सभी छह उड़ानें रद्द कर दी गईं। कई यात्रियों को देहरादून और हिंडन के लिए वाहन बुक कराकर जाना पड़ा।

पिथौरागढ़ से हर रोज देहरादून के लिए चार और हिंडन के लिए दो फ्लाइट जाती हैं। उड़ान के रद्द होने के कारण यात्रियों को मायूस वापस लौटना पड़ा। एसडीएम तुषार सैनी का कहना है कि धुंध छाने के कारण विजिबिलिटी नहीं मिल पाई जिस कारण उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। 

तेज गड़गड़ाहट के साथ उड़ता चिनूक बना कौतूहल का विषय 

पिथौरागढ़ में दिन भर चिनूक तेज गड़गड़ाहट के साथ उड़ान भरता रहा। चिनूक के उड़ने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। बता दें कि चिनूक चीन सीमा के लिए बन रही सड़क के लिए मशीनरी और आर्मी व अन्य अर्द्धसैनिक बलों के लिए खाद्य सामग्री भी ले जाता है। चिनूक को उड़ता देख लोग घरों की छतों से फोटो खींचते नजर आए।

बृहस्पतिवार से शुरू होगा भीमबली से बर्फ सफाई का कार्य

आगामी यात्रा तैयारियों को लेकर भीमबली से केदारनाथ तक जमा भारी बर्फ की सफाई का कार्य कल शुक्रवार से शुरू हो जाएगा। प्रशासन द्वारा गठित यात्रा मैनेजमेंट बल के 44 जवानों के साथ जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोनिवि के मजदूरों के रात्रि प्रवास की व्यवस्था भीमबली में की जा रही है। यात्रा मैनेजमेंट के 44 जवान आज बृहस्पतिवार को रवाना होंगे।

जिलाधिकारी ने प्रेसवार्ता में बताया कि भीमबली से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर भारी बर्फ है। इस वर्ष धाम के कपाट बीते वर्ष की तुलना में लगभग दस दिन पहले खुलने की संभावना है। ऐसे में अभी से रास्ते से बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया जा रहा है। बताया कि बृहस्पतिवार को यात्रा मैनेजमेंट बल को भीमबली के लिए रवाना किया जाएगा। 21 फरवरी से बर्फ सफाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा बर्फ सफाई के लिए अन्य संस्थाओं को भी आमंत्रित किया गया है। इसके लिए निविदा आमंत्रित की गई है।
 
साथ ही दूसरी निविदा भी जारी कर दी गई है। बताया कि 26 फरवरी से हरहाल में अन्य किसी कार्यदायी संस्था से भी बर्फ सफाई का कार्य शुरू करा दिया जाएगा, जिससे अप्रैल पहले सप्ताह तक केदारनाथ तक आवाजाही शुरू हो सके। डीएम ने बताया कि बर्फ सफाई के लिए 50 लाख रुपये की राशि रखी गई है। साथ ही यात्राकाल के लिए अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के बेहतर संचालन से जुड़े कार्य समय पूरे कर दिए जाएंगे।
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धनोल्टी क्षेत्र में वाहन चलाना हुआ खतरनाक 

जनवरी में हुई बर्फबारी के बाद अब भले ही मौसम का तापमान बढ़ने लगा है, लेकिन बर्फबारी से धनोल्टी क्षेत्र में बनी दुश्वारियां अब भी कम नहीं हो पाई है। धनोल्टी के आसपास कई जगहों पर बर्फ से बचने के लिए सड़कों पर डाली गई मिट्टी से फिसलन बढ़ गई है, जिससे लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। 

धनोल्टी क्षेत्र में इस सीजन में खूब बर्फबारी हुई है। ऐसे में बर्फ के ऊपर पाला गिरने से वाहनों का चलना मुश्किल हो गया था। समस्या को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने जगह-जगह मिट्टी डालकर किसी तरह बर्फ और पाले से बचाव का प्रयास किया था, लेकिन अब बर्फ पिघलने से सड़कों पर डाली गई मिट्टी से फिसलन बढ़ गई है।

क्षेत्र के दिनेश कोहली ने बताया कि बर्फ पिघलने से सड़क पर डाली गई मिट्टी के कारण बटवालधार, लांगीधार, तुरतुरिया, बडवाला और बुरांशखंडा में फिसलन होने से कई दुपहिया वाहन चालक चोटिल हो गए हैं, जबकि कार चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

एनएच खंड-सात के ईई जीत सिंह रावत का कहना है कि बर्फ और पाले से बचाव के लिए मिट्टी डालकर अस्थायी व्यवस्था की गई थी। मौसम साफ होने के बाद जल्द ही पक्का कार्य कराया जाएगा।
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