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Uttarakhand Weather: तीसरे दिन भी नहीं खुल पाया कोटद्वार-पौड़ी नेशनल हाईवे, बोल्डर-मलबा आने से सात जगह बंद

Thu, 24 Aug 2023 10:15 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार

सार

कोटद्वार-पौड़ी हाईवे बंद होने से जरूरी काम से कोटद्वार आने वाले लोग कहीं चट्टान पर चढ़कर तो कहीं खोह नदी के किनारे मलबे के ऊपर से होकर आवाजाही करते रहे।
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कोटद्वार-पौड़ी हाईवे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोटद्वार-पौड़ी हाईवे तीसरे दिन भी नहीं खुल पाया है। कोटद्वार से करीब 6 से 8वें किमी के बीच पौड़ी नेशनल हाईवे बदहाल बना है। दो किमी पैच पर सात से आठ जगहों पर मलबा-बोल्डर आने से हाईवे पर ध्वस्त पड़ा है।

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हाईवे बंद होने से लैंसडौन समेत गढ़वाल के सभी बाजारों और कस्बों में फल सब्जी, अंडे व दूध की आपूर्ति नहीं हो सकी। वहीं हाईवे खाेलने के लिए एनएच खंड धुमाकोट जुटा हुआ है। यहां रात में भी मलबा हटाने का काम जारी है। शुक्रवार को हाईवे खुलने की उम्मीद है।

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कोटद्वार-पौड़ी हाईवे बंद होने से जरूरी काम से कोटद्वार आने वाले लोग कहीं चट्टान पर चढ़कर तो कहीं खोह नदी के किनारे मलबे के ऊपर से होकर आवाजाही करते रहे। खतरे की आशंका को देखते हुए दुगड्डा पुलिस चौकी इंचार्ज सूरत शर्मा की ओर से लोगों को ऐता रामणी पुलिंडा मार्ग से भेजा जा रहा है। जबकि छोटे वाहनों को पुलिस प्रशासन ने रामणी पुलिंडा होते हुए कोटद्वार के लिए भेजा गया।

जबकि यहां भारी वाहनों की आवाजाही ठप है। वहीं एनएच खंड धुमाकोट के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि हाईवे से बोल्डरों को तोड़कर हटाया जा रहा है। कई बड़े बोल्डरों को विस्फोट करके तोड़ना पड़ रहा है। हाईवे जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है। मौसम अनुकूल रहा तो शुक्रवार सुबह से हाईवे पर यातायात बहाल करा दिया जाएगा।

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15 दिन बाद कॉजवे से भारी वाहनों का संचालन शुरू

मालन नदी पर बनाए गए वैकल्पिक ह्यूमपाइप कॉजवे पर करीब 15 दिन बाद भारी वाहनों का संचालन शुरू हो सका है जिससे सिडकुल के उद्यमियों ने राहत की सांस ली। मालन पुल टूटने के बाद से जहां हल्के वाहनों के लिए मवाकोट और कण्वाश्रम होते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, जबकि भारी वाहनों के लिए तल्ला मोटाढांक से हल्दूखाता के लिए 300 मीटर ह्यूमपाइप कॉजवे समेत करीब दो किमी कंडी मार्ग का नए सिरे से निर्माण किया जा रहा है। मगर बारिश के कारण यहां बार-बार वाहनों की आवाजाही ठप हो रही है।

सिडकुल निर्माता संघ के महासचिव विवेक चौहान, उद्यमी सुरेश ठाकुर, रमेश पटवाल ने कहा कि काॅजवे बार-बार बंद हो रहा है जबकि वैकल्पिक सड़क का निर्माण धीमी गति से हो रहा है। ऐसे में उद्योग जगत के साथ ही भाबर के लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। जगदंबा प्रसाद उनियाल, पुष्कर सिंह राणा, दिनेश गौड़, अशोक कुमार गौड़, उदय सिंह, ईश्वरी सिंह ने दो किमी कंडी मार्ग को पक्का बनाने की मांग की। वहीं लोनिवि दुगड्डा के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह का कहना है कि कंडी मार्ग पर कॉजवे से आवाजाही शुरू करा दी गई है।
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