15 दिन बाद कॉजवे से भारी वाहनों का संचालन शुरू
मालन नदी पर बनाए गए वैकल्पिक ह्यूमपाइप कॉजवे पर करीब 15 दिन बाद भारी वाहनों का संचालन शुरू हो सका है जिससे सिडकुल के उद्यमियों ने राहत की सांस ली। मालन पुल टूटने के बाद से जहां हल्के वाहनों के लिए मवाकोट और कण्वाश्रम होते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, जबकि भारी वाहनों के लिए तल्ला मोटाढांक से हल्दूखाता के लिए 300 मीटर ह्यूमपाइप कॉजवे समेत करीब दो किमी कंडी मार्ग का नए सिरे से निर्माण किया जा रहा है। मगर बारिश के कारण यहां बार-बार वाहनों की आवाजाही ठप हो रही है।
सिडकुल निर्माता संघ के महासचिव विवेक चौहान, उद्यमी सुरेश ठाकुर, रमेश पटवाल ने कहा कि काॅजवे बार-बार बंद हो रहा है जबकि वैकल्पिक सड़क का निर्माण धीमी गति से हो रहा है। ऐसे में उद्योग जगत के साथ ही भाबर के लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। जगदंबा प्रसाद उनियाल, पुष्कर सिंह राणा, दिनेश गौड़, अशोक कुमार गौड़, उदय सिंह, ईश्वरी सिंह ने दो किमी कंडी मार्ग को पक्का बनाने की मांग की। वहीं लोनिवि दुगड्डा के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह का कहना है कि कंडी मार्ग पर कॉजवे से आवाजाही शुरू करा दी गई है।