ग्रामीणों ने बताया कि भूस्खलन के कारण झवाणा गांव का पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है और पूरा मलबा आमसौड-जमरगडडी मार्ग पर जमा हो गया है। बृहस्पतिवार को ब्लाॅक प्रमुख रुचि कैंत्यूरा और बीडीओ जयकृत सिंह बिष्ट ने गांव पहुंचकर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का मौका मुआयना किया। इस मौके पर कानूनगो राकेश डबराल, राजस्व उपनिरीक्षक राजेश राणा, संगीता राज, अवर अभियंता कुलविंदर सिंह पुलिस कर्मी मौजूद रहे। कानूनगो राकेश डबराल ने बताया कि अतिवृष्टि होने की दशा में गांव के 14 परिवारों और दो दुकानों को खतरा बना हुआ है। रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
मेयर और पूर्व मंत्री ने झंडीचौड़ में बाढ़ से हुए नुकसान का लिया जायजा
मेयर हेमलता नेगी और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने उत्तरी झंडीचौड़ और पूर्वी झंडीचौड़ में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। लोगों ने उन्हें उचित मुआवजा नहीं देने और बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं किए जाने की शिकायत की। जिसपर मेयर ने उन्हें हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने शासन और प्रशासन पर क्षेत्र में अनियंत्रित खनन कराने का आरोप लगाया। कहा कि प्रशासन की अनदेखी के कारण खननकारियों ने भाबर क्षेत्र में बनी बाढ़ सुरक्षा दीवार की नींव तक खोद डाली है। जिसके कारण अधिकतर सुरक्षा दीवार नदी मेें समा गई है। अब लोगों के खेत खलिहान नदी के कटाव की भेंट चढ़ रहे हैं और घरों में बाढ़ आ रही है। उन्होंने सरकार से बाढ़ सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने और पीड़िताें को उचित मुआवजा देने की मांग की।