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उत्तराखंड: मैदानी इलाकों में बारिश, आंधी और पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठंड, फिर निकले गर्म कपड़े

Sat, 07 Mar 2020 12:06 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, मैदानी क्षेत्रों में तेज हवा चलने का अनुमान
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बदरीनाथ में ताजा बर्फबारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में शुक्रवार को पूरे दिन मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। चारों धामों समेत औली, हेमकुंड साहिब वऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया।

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उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में बजट सत्र के चौथे दिन जमकर बर्फबारी हुई। करीब चार घंटे तक चली बर्फबारी से भराड़ीसैंण सहित आसपास की पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई। मंत्री और विधायक बर्फबारी के कारण लंच करने भी नहीं जा सके। विधानसभा की कार्रवाई देखने आए लोग भी बारिश और बर्फबारी होने से वहीं फंस गए। पहाड़ों की रानी मसूरी में बारिश और पर्यटन नगरी धनोल्टी में भी हिमपात हुआ है। 

चमोली जिले में बदरीनाथ, हेमकुंड और औली सहित ऊंचाई वाले स्थानों पर जमकर बर्फबारी हुई। औली में पर्यटकों ने बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है। उत्तरकाशी जिले में बृहस्पतिवार से शुरू हुआ बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित समुद्र सतह से ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले मुखबा, हर्षिल, सुक्की, जानकीचट्टी, खरसाली, सांकरी आदि क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है।
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ताजा बारिश और बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट आई है। जिले में बीते दिनों में जहां पारा 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं शुक्रवार को जिला मुख्यालय सहित निचले इलाकों में अधिकतम तापमान 9 डिग्री और न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत बर्फबारी वाले इलाकों में अधिकतम तापमान दो डिग्री और न्यूनतम माइनस आठ डिग्री सेल्सियस रहा।

मसूरी में बारिश, धनोल्टी में हल्की बर्फबारी
पहाड़ों की रानी मसूरी में शुक्त्रस्वार को सुबह से हो रही बारिश होने से जनजीवन पूरी तरीके से अस्त-व्यस्त रहा। वही दिन में कुछ घंटो के लिये बारिश रुकने से लोगो ने राहत की संास ली परन्तु शाम होते ही बारिश शुरू हो गई। तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई ।बारिश होने से स्कूल जाने वाले बच्चों को खासी परेशानियों का सामना करना वही बोर्ड की परीक्षाएं दे रहे छात्र-छात्राओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पडा। वहीं, दूसरी ओर धनोल्टी क्षेत्र के सुरकंडा देवी, नाग तिब्बा, परी डिब्बा सहित मसूरी के उचाई वाले क्षेत्र लाल टिब्बा में हल्की बर्फबारी हुई ।

दिनभर बारिश से करीब आठ डिग्री गिरा पारा
राजधानी दून और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को पूरे दिन हुई बारिश से पारा करीब आठ डिग्री गिर गया। अधिकतम तापमान में कमी आने से दिन में ठंडक काफी अधिक बढ़ गई। मौसम विभाग ने आज भी हल्की बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई है। 

बृहस्पतिवार देर रात से ही ज्यादातर इलाकों में हल्की बारिश शुरू हो गई। शुक्रवार सुबह गरज और चमक के साथ तेज बारिश से मौसम काफी ठंडा हो गया। लगभग सभी क्षेत्रों में पूरे दिन में चार से पांच दौर की बारिश हुई। सुबह कई घंटों तक लगातार हल्की बारिश होती रही। दिन में कुछ देर के लिए मौसम साफ हुआ और हल्की धूप खिल उठी। इससे कुछ देर के लिए ठंड से राहत मिली लेकिन बाद में फिर बारिश शुरू हो गई। 

दून में अधिकतम तापमान 17.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। एक दिन पहले बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान करीब आठ डिग्री अधिक 25.4 डिग्री दर्ज किया गया था। तापमान में एकाएक आई कमी का असर सभी जगह देखा गया। दिन के समय गर्म कपड़े कम कर चुके लोगों ने बारिश के बाद फिर जैकेट, स्वेटर व अन्य गर्म कपड़े निकाल लिए। रात के तापमान में हालांकि बहुत ज्यादा अंतर नहीं आया है।
 

भराड़ीसैंण में मंत्रियों और अफसरों के लिए कौतूहल बनी बर्फबारी  

उत्तराखंड में विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन भराड़ीसैंण में जमकर बर्फबारी हुई। करीब चार घंटे तक चली बर्फबारी से  भराड़ीसैंण सहित आसपास की पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई। बर्फबारी से भले ही ठंड का प्रकोप बढ़ गया, लेकिन बर्फबारी मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के लिए कौतूहल का विषय बनी रही। मौसम खराब होने से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कार से ही श्रीनगर के लिए निकल पड़े। 

शुक्रवार को बजट सत्र के दौरान दोपहर के समय भराड़ीसैंण में अचानक सफेद फुहारें बरसने लगी। सत्र में कई मंत्री, विधायक और अधिकारी ऐसे भी थे जिन्होंने पहली बार बर्फ गिरते हुए देखी। प्रकृति के इस सुंदर नजारे को देखकर वह रोमांचित दिखे। कई तो बर्फबारी के दौरान सेल्फी लेते भी नजर आए। स्थिति यह थी कि विधानसभा के मुख्य द्वार के बाहर ही बर्फ की मोटी चादर बिछ गई, जिससे वहां पर रास्ता काफी फिसलनभरा हो गया। बर्फ में कई विधायक और अधिकारी गिरते-गिरते बचे। 

उधर, बर्फबारी पड़ने से दिवालीखाल से भराड़ीसैंण तक जगह-जगह वाहन फंसे रहे। जिला प्रशासन ने खुद मोर्चा संभालते हुए मार्ग खुलवाने का काम शुरू किया। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया और पुलिस अधीक्षक यशवंत चौहान खुद मौके पर मौजूद रहे और तीन जेसीबी और एक स्नोकटर मशीन से बर्फ को हटाकर मार्ग खोला गया। 

मलबा आने से कांडी-लक्ष्मणझूला मार्ग बाधित

क्रवार सुबह पांच बजे से हो रही मूसलाधार बारिश से नगर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से क्षेत्र में एक बार फिर ठंडक ने दस्तक दे दी है। लोगों को फिर से गर्म कपड़े पहनने पड़ रहे हैं। बारिश से कांडी लक्ष्मणझूला स्टेट हाईवे बिथ्याणी के पास मलबा आने से बंद हो गया है, जिससे लोगों को ऋषिकेश, देहरादून, हरिद्वार आवाजाही करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

यमकेश्वर में भारी बारिश से कांडी-लक्ष्मणझूला मोटर मार्ग बिथ्याणी के समीप मलबा आने से बंद हो गया, जिससे लोगों को ऋषिकेश, देहरादून आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बिथ्याणी के समीप बिथ्याणी-ढुंगा-बंचूरी मार्ग को जोड़ने के लिए कटिंग की गई थी, जिसका मलबा कांडी-लक्ष्मणझूला मोटर मार्ग तथा बिथ्याणी-यमकेश्वर मोटर मार्ग पर आ रहा है।

ग्राम बघेलगांव निवासी भगत सिंह ने बताया कि मोटर मार्ग पर मलबा और पत्थर आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। लोनिवि दुगड्डा के सहायक अभियंता सत्य प्रकाश ने बताया कि मोटर मार्ग पर पड़े मलबे को हटाने के लिए जेसीबी को भेज दिया है। जल्द ही मार्ग की सफाई कर यातायात बहाल कर दिया जाएगा। 

धनोल्टी, काणाताल, प्रतापनगर में 15वीं बार हुई बर्फबारी

शुक्रवार को मौसम ने फिर से करवट बदली। जिलेभर में झमाझम बारिश से मौसम में फिर से ठंडक बढ़ गई है। धनोल्टी, काणाताल, प्रतापनगर, सेम-मुखेम सहित ऊंचाई वाले कई स्थानों में रिकार्ड 15वीं बार हल्की बर्फबारी हुई। 

जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में शुक्रवार को तेज हवा के साथ रिमझिम बारिश हुई। सुबह 11 बजते ही अचानक तेज बारिश शुरू हुई, जो देर शाम तक जारी रही। धनोल्टी, काणाताल, ठांगधार, कद्दूखाल, प्रतापनगर, सेम-मुखेम और गंगी में हल्की बर्फबारी हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र रानीचौरी के तकनीकी अधिकारी प्रकाश पंवार ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह करवट बदलेगा। शुक्रवार को जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान नौ डिग्री और न्यूनतम दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

कुमाऊं में भी बारिश, चोटियों पर फिर हिमपात

कुमाऊं भर में शुक्रवार को झमाझम बारिश हुई और चोटियों पर हिमपात हुआ। मुक्तेश्वर में सीजन की पांचवीं बर्फबारी हुई तो नैनीताल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सातवीं बार बर्फ गिरी। बारिश, बर्फबारी से अधिकतम तापमान में नौ डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

उधर, मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी प्रदेश भर में बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान है। इसके बाद तीन दिन मौसम साफ रहने के बाद 11 मार्च से फिर मौसम बिगड़ेगा। 10 मार्च को होली के दिन मौसम साफ रहने की संभावना है।

शुक्रवार तड़के करीब चार बजे मौसम बिगड़ गया। मंडल के लगभग सभी क्षेत्रों में दिन भर रुक-रुककर बारिश होती रही। पिथौरागढ़ के मुनस्यारी और धारचूला की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। दारमा और व्यास घाटियों में भी बर्फबारी हुई। सेला और नागलिंग के बीच अस्थायी ग्लेशियर बन गया है। इसके चलते पर्यटक पंचाचूली की ओर नहीं जा पा रहे हैं। आईटीबीपी के जवानों को भी दिक्कत उठानी पड़ रही है। 

इधर, चंपावत क्षेत्र में बारिश के बावजूद टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) दिनभर खुला तो रहा, मगर आवाजाही जोखिम भरी रही। हाईस्कूल बोर्ड परीक्षार्थियों और स्कूली बच्चों को भी दुश्वारी झेलनी पड़ी। अल्मोड़ा-बागेश्वर में भी सुबह से शाम तक बारिश हुई।

लगातार हो रही बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक मानी जा रही है। अल्मोड़ा की मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि बारिश के चलते ग्रामीण इलाकों में आलू के बीज सड़ने के कगार पर हैं। पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, हरी सब्जियों के पत्ते भी गल रहे हैं। यदि बारिश नहीं थमी तो गेहूं की फसल के साथ ही सरसों और राई की फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है। तराई के किसान भी बेमौसमी बारिश से चिंतित हैं। 
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चकराता में फिर हिमपात, ऊंची चोटियां बर्फ से ढकीं

फाल्गुनी बयार में पल-पल बदल रही मौसम की रंगत के कारण सर्दी का मौसम लौट-लौट कर वापस आ रहा है। शुक्रवार को जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर एक बार फिर झमाझम बारिश और बर्फबारी हुई। इससे ऊंची चोटियों ने एक बार फिर बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली। पूरा इलाका कड़ाके की ठंड की चपेट में है। ऊंची चोटियों पर सीजन का यह 12वां हिमपात है। 

बीते बृहस्पतिवार देर रात से क्षेत्र में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल हुआ है। शुक्रवार दोपहर एक बजे क्षेत्र में हुई बारिश के बीच लोखंडी, लोहारी, खड़ंबा, देववन, व्यास शिखर, चोरानी, मोयला टॉप, मुंडाली समेत आसपास के इलाकों में करीब आधा घंटे तक बर्फबारी हुई। जिससे क्षेत्र में बर्फ की करीब तीन इंच मोटी परत जम गई है। दूर से ही बर्फ से लकदक ये ऊंची चोटियां पर्यटकों का खासा रास आ रही हैं।

चकराता छावनी बाजार क्षेत्र में भी बर्फ की फुहारें गिरी। हालांकि, कुछ ही देर में वह पिघल गई। बर्फबारी और बारिश के बीच चकराता का अधिकतम तापमान तीन डिग्री लुढ़क कर छह डिग्री पर जा पहुंचा, वहीं न्यूनतम तापमान एक डिग्री रिकॉर्ड किया गया। दिनभर लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव और हीटर तापते नजर आए। शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया। 

विकासनगर और आसपास के इलाकों में भी दिनभर रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। शाम को चली ठंडी हवाओं ने लोगों को सिहरन का एहसास करा दिया। विकासनगर का तापमान 17 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया।

लोखंडी के पास बंद हुआ यातायात 
विकासनगर। ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और त्यूनी-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग पर बर्फ जमने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। इससे करीब त्यूनी तहसील से जुड़े 40 गांव की आबादी को चकराता ब्लॉक मुख्यालय आने के लिए वाया क्वानू होकर करीब 40 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। हर बार बर्फबारी के बीच सड़क के 10 किमी लंबे हिस्से पर बर्फ की मोटी परत जम जाती है। एनएच डोईवाला के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ओपी सिंह ने बताया कि मौसम साफ होते ही सड़क से बर्फ को हटाकर यातायात बहाल किया जाएगा।
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