ऐसा ही हाल प्रदेश के अन्य हिस्सों का भी रहा। पर्वतीय इलाकों का पारा भी सामान्य से ऊपर रहा। मुक्तेश्वर का सामान्य तापमान तो सात डिग्री बढ़ोतरी के साथ 23.4 डिग्री तक पहुंच गया। मार्च की शुरुआत में तापमान के इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक तेवर दिखा सकती है। मौसम वैज्ञानिक इसकी मुख्य वजह जलवायु परिवर्तन और मौसम का बदला पैटर्न को मानते हैं।
पोस्ट मानसून की बारिश ने भी किया मायूस
इस साल भले मानसून की बारिश ने नया रिकॉर्ड बनाया और प्रदेश के कई हिस्सों में आपदा भी आई। लेकिन पोस्ट मानसून की बारिश में आई गिरावट तापमान में बढ़ोतरी का एक मुख्य कारण है। मूल रूप से उत्तराखंड निवासी मिजोरम विवि के प्रोफेसर विश्वंभर प्रसाद सती ने बताया कि उत्तराखंड में इस साल पोस्ट मानसून की बारिश न के बराबर हुई है। जिसकी वजह से फरवरी के अंत से ही सामान्य तापमान में इतना अंतर देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में भी यह तापमान और बढ़ेगा। जिसके चलते मैदानी इलाकों के साथ पर्वतीय इलाकों में भी गर्मी परेशान करेगी।