पुरोला में मोरी ब्लॉक के गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र के केदारकांठा में करीब पांच फीट बर्फ पड़ी हुई है। इस ट्रेक पर ट्रैकिंग बंद कर दी गई है। महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, अहमदाबाद से आए करीब 120 पर्यटक बिना ट्रेक किए ही वापस चले गए हैं। हरकीदून प्रोटेक्शन एंड माउंनटेनिरिंग एसोसिएशन के सचिव चैन सिंह रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि करीब 150 पर्यटक अभी भी सांकरी में ही कैंप किए हुए हैं।
भारी बर्फबारी के कारण सांकरी जखोल, सांकरी तालुका मोटर मार्ग यातायात हेतु अवरुद्ध हो गया है। चार गांव ओसला, पंवाणी, ढाटमीर, गंगाड़ व जखोल न्याय पंचायत के लिवाड़ी फिताड़ी, रेक्चा, कांसला, हरीपुर का भारी हिमपात के कारण तहसील मुख्यालय मोरी से संपर्क कट गया है।
उत्तराखंड: केदारनाथ में दिनभर होती रही बर्फबारी, चमोली में 15 से अधिक गांव बर्फ से ढके, पहुंचे पर्यटक, सुंदर तस्वीरें
20 गांव बर्फ की सफेद चादर से ढके
पिंडरघाटी में बर्फबारी व बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त रहा। 20 गांव बर्फ की सफेद चादर से ढके हैं। लगातार हो रही बारिश से निचले क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ गई। उंचाई वाले क्षेत्रों में पशुपालकों और किसानों को दिक्कत हो रही है। थराली के गुमड़, कलचूना, हरिनगर लेटाल, रतगांव, रूईसाण, तैलाण, घिनपाणी, गेरूड़ गांव बर्फ की कैद में हैं। वहीं, निचले क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश से कई सड़कें बंद हो गई है।
देवाल क्षेत्र में बारिश व बर्फबारी से रूपकुंड, वेदनी, बगुवावासा, बगजी, ब्रह्मताल, आली बुग्याल में तीन से चार फुट बर्फ पड़ी है। बुग्यालों में लगातार हो रही बर्फबारी से हिमालयी क्षेत्र के गांव वाण, घेस, कुलिंग, वांक, लोहाजंग, रामपुर, तोरती, सोरीगाड़ सहित 24 से अधिक गांव शीतलहर की चपेट में हैं।
बदरीनाथ और मलारी हाईवे पर जगह-जगह हिमखंड टूटे
बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने तिब्बत (चीन) सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़कों से बर्फ हटाना शुरू कर दिया है। दो दिनों तक हुई अत्यधिक बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे और जोशीमठ-मलारी हाईवे पर कई फीट बर्फ जम गई है। जिससे सेना और आईटीबीपी के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों के वाहनों की आवाजाही भी थम गई है। रविवार को दोपहर बाद मौसम सामान्य होने के बाद बीआरओ ने जेसीबी और मजदूरों के जरिए दोनों हाईवे से बर्फ हटाने का काम भी शुरू कर दिया है। बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे बर्फ से बंद है।
जोशीमठ- मलारी हाईवे पर 10 से 15 फीट बड़े-बड़े हिमखंड टूटकर सड़क पर आए हैं। जिससे सेना के वाहन सेना की अग्रिम चौकियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। बदरीनाथ-माणा और माणा पास तक हाईवे पर जगह-जगह भारी मात्रा में बर्फ जमी है। बर्फबारी से बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान का कार्य भी ठप पड़ गया है। बेनाकुली, हनुमान चट्टी और इससे आगे ऑलवेदर रोड का कार्य भी प्रभावित हो गया है। बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि हाईवे से बर्फ हटाने के लिए चार जेसीबी मशीनें और 20 से अधिक मजदूर लगाए गए हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद हाईवे को खोलने का काम जारी है।