हरिद्वार का मौसम हर दिन करवट बदल रहा है। कभी धूप तो कभी धुंध छा रही है। सुबह-शाम शीतलहर चलने से बुधवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान दो डिग्री लुढ़क गया। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों तक शीतलहर की संभावना जताई है। मौसमी उतार-चढ़ाव में लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है।
निजी और सरकारी अस्पताल की ओपीडी में बुखार, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक पीड़ित हो रहे हैं। पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी का सीधा असर हरिद्वार में देखने को मिलता है। हरिद्वार क्षेत्र में दिसंबर से मौसम लगातार रंग बदल रहा है। देहात क्षेत्रों में सुबह लगातार कोहरा आ रहा है।
जबकि हरिद्वार शहर में सुबह-शाम शीतलहर चल रही है। मौसम विभाग की ऋतु आलोकशाला के रिसर्च सुपरवाइजर नरेंद्र रावत के मुुताबिक जनवरी आखिर तक मौसम का उतार-चढ़ाव बना रहेगा। बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 4.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री और न्यूनतम 6 डिग्री रहा था। शुक्रवार तक शीतलहर की संभावना बनी है। सुबह-शाम शीतलहर और दोपहर में धूप खिलने से लोग लापरवाही बरत रहे हैं। जिला अस्पताल डॉ. संदीप टंडन के मुताबिक लापरवाही से बुखार, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीज बढ़े हैं। बच्चे विंटर डायरिया और निमोनिया के शिकार हो रहे हैं। ब्लड प्रेसर, अस्थमा, दिल की बीमारी से पीड़ित बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।