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उत्तराखंड मौसम अपडेट : चार जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी, चमोली में 30 सड़कें और 150 पैदल मार्ग पड़े क्षतिग्रस्त 

Sat, 26 Jun 2021 07:50 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मौसम विज्ञानियों की ओर से अगले 24 घंटे के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
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आंधी के साथ बिजली कड़कने और बूंदाबांदी की संभावना - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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राजधानी में मौसम ने शुक्रवार को अजब तेवर दिखाए। दिन में चटख धूप के साथ उमस भरी गर्मी पड़ी, जिससे शहरवासी परेशान रहे। शाम ढलने पर भी गर्मी बरकरार रही, लेकिन रात गहराते ही हवाएं चलीं और गरज के साथ कई इलाकों में बारिश हुई। इससे तापमान गिरा और लोगों को राहत मिली। वहीं शनिवार की सुबह दून में फिर चटख धूप खिल आई है। 

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बारिश से आफत: 30 घंटे में तय हो रहा चार घंटे का सफर, लकड़ी के लट्ठों के सहारे नाले पार कर रहे लोग, तस्वीरें...

मौसम विज्ञानियों ने शनिवार को राजधानी देहरादून समेत मैदानी क्षेत्रों में मौसम के बदले मिजाज के चलते आंधी के साथ बिजली कड़कने और बूंदाबांदी की संभावना जताई है। 
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जून में बर्फबारी: देवभूमि में उच्च हिमालयी क्षेत्र बर्फ से सराबोर, माणा पास में जमी एक फीट बर्फ, तस्वीरें...

राजधानी और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री पहुंच गया। सुबह आठ बजे से ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू किया तो दोपहर तक लोग बेहाल हो गए। इस दौरान आर्द्रता भी 80 फीसदी रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि गर्मी से बेहाल लोगों को पंखे और कूलर से भी राहत नहीं मिली।

घर से बाहर निकलने वाला हर शख्स पसीना पोंछता नजर आया। बाजारों में खरीदारी को पहुंची महिलाओं को भी गर्मी के खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने बेचैनी महसूस की। 

चमोली में 30 सड़कें और 150 पैदल मार्ग पड़े क्षतिग्रस्त 

चमोली जनपद में अभी भी 30 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं, जबकि लगभग 150 पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त पड़े हैं। ग्रामीण टूटी सड़कों और पैदल रास्तों में जान हथेली पर रखकर आवाजाही कर रहे हैं। नीती घाटी के सीमांत द्रोणागिरी गांव को जोड़ने वाला पैदल रास्ता कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है, जिससे ग्रामीण चट्टान और जंगल के रास्ते अपने गंतव्य को पहुंच रहे हैं। गांव में खाद्यान्न की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है।

खांकरा-कांडई-खिर्सू मोटर मार्ग 16 दिन से बंद
पौड़ी व रुद्रप्रयाग जिले के चलणस्यूं व बच्छणस्यूं पट्टी के 90 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला खांकरा-कांडई-खेड़ाखाल मोटर मार्ग 16 दिन से बंद है। भूस्खलन से खेड़ाखाल में टनों मलबे का ढेर लगा हुआ है, जिसे दो मशीनों से साफ किया जा रहा है। मार्ग के अवरुद्ध होने से कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है।

देवलगढ़ नदी पर बना पैदल पुल ध्वस्त, खतरा
नैनीडांडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत जामणघार के अंतर्गत देवलगढ़ नदी पर बना पैदल पुल पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। इससे नदी में उफान आने पर आवाजाही के दौरान जीआईसी कोचियार और क्षेत्र के लोगों को खतरा हो सकता है। 
दो दशक पहले जिला पंचायत निधि से देवलगढ़ नदी पर क्षेत्र वासियों के आवागमन के लिए पैदल पुल का निर्माण किया गया था। गत वर्ष से पुलिया अति जर्जर हाल में थी। कुछ दिन पूर्व हुई बारिश में पुलिया पूरी तरह से टूट गई है। 
मलबे में ट्रक फंसने से सतपुली-देवप्रयाग मार्ग पर डेढ़ घंटे लगा जाम 
सतपुली देवप्रयाग मोटर मार्ग पर डिग्री कॉलेज गदेरे के समीप शनिवार सुबह बारिश के साथ भारी मात्रा में मलबा आ गया। मलबे में एक ट्रक के फंसने से मार्ग पर करीब डेढ़ घंटा जाम लगा रहा, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 

रविवार को खुल सकता है मलारी हाईवे 
मलारी हाईवे भापकुंड में 13 दिनों से बंद पड़ा हुआ है। यहां चट्टानी भाग से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा हाईवे पर आया है। करीब दस मीटर तक हाईवे का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा हाईवे को खोलने का कार्य किया जा रहा है। बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि रविवार तक हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। वहीं, नीती घाटी में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है।

चार जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी

मौसम विज्ञानियों ने अगले 24 घंटे में राजधानी देहरादून के साथ ही टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा जिले में तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली और बारिश की संभावना जताई है। मौसम विज्ञानियों की ओर से इन जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

विशेषज्ञों ने दी एहतियात बरतने की सलाह
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम के इस मिजाज में थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है। दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक व  वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केसी पंत का कहना है कि ऐसे हालात में शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए।
 
अन्यथा डिहाइड्रेशन और डायरिया का खतरा बढ़ जाएगा। साथ ही मौसम के इस मिजाज में राजधानी की सड़कों पर खुले में बिक रहे सामानों को भी खाने-पीने से परहेज करना होगा। बकौल डॉ. पंत, मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए ओआरएस घोल के साथ ही नींबू पानी अधिक से अधिक पीने में ही भलाई है।
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आपदा के चलते 13 गांवों में पहुंचाया जुलाई का राशन

मानसून सत्र में आपदा की दृष्टि से संवेदनशील लक्सर-खानपुर  के 16 गांवों में आपूर्ति विभाग की ओर से जुलाई का राशन भी सस्ते गल्ले की दुकानों पर भेज दिया गया है। इसका वितरण एक जुलाई से शुरू किया जाएगा। 

बरसात के मौसम में हर वर्ष गंगा में आने वाला बाढ़ का पानी क्षेत्र की कृषि भूमि पर फैलकर तबाही मचाता है। आबादी में भी बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। पिछले सप्ताह भारी बारिश के बाद डुमनपुरी, कलसिया, रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला गांवों की आबादी तक पानी पहुंच गया था। प्रशासन और अन्य विभाग बाढ़ को देखते हुए सतर्क हैं।

आपूर्ति विभाग की ओर से गंगा किनारे बसे गांवों में अभी से राशन पहुंचाया जा रहा है। सहायक खाद्य अधिकारी एमएस रावत ने बताया कि क्षेत्र के महाराजपुर खुर्द, रणजीतपुर रायघटी, नंदपुर, कुड़ी भगवानपुर, पंडितपुरी, गंगदासपुर, कलसिया, बालावाली, माडाबेला, चंद्रपुरी बांगर, दल्लावाला, जोगावाला, चंद्रपुरी खादर, मथाना गांव आपदा के लिहाज से अति संवेदनशील हैं।

आपदा की दृष्टि से इन गांवों में जुलाई का राशन भी राशन डीलरों की दुकान पर भिजवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि राशन सभी जगह पहुंच गया है। इसका वितरण जुलाई के पहले सप्ताह से शुरू करा दिया जाएगा।
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