पर्वतीय क्षेत्रों के किसान कोरोना महामारी के साथ ओलावृष्टि और बारिश की मार झेलने को मजबूर हैं। ओलावृष्टि और बारिश से फसलों के बर्बाद होने से किसानों को अब रोजीरोटी की चिंता सताने लगी है।
भीमताल ब्लॉक की ग्राम पंचायत अलचौना सब्जी के उत्पादन के लिए जानी जाती है। ओलावृष्टि से परेशान अलचौना के किसान खेतों में लगी टमाटर और शिमला मिर्च के बर्बाद होने से अब उन फसलों में ट्रैक्टर चलाकर मक्का, चरी और बाजरा बोने को मजबूर हैं।
प्रगतिशील किसान आनंदमणि भट्ट ने बताया कि इस साल कोरोना के चलते किसान पहले ही परेशान थे, लेकिन बीते दिनों हुई ओलावृष्टि और बारिश से खेतों में लगे शिमला मिर्च और टमाटर के पौधे नष्ट हो गए। इसके चलते किसान बेहद परेशान हैं और मजबूर होकर उन्हें खराब फसलों में ट्रैक्टर चलाकर मक्का, चरी और बाजरा बोने को मजबूर होना पड़ रहा है।
भट्ट ने बताया कि किसानों को आजीविका और रोजी रोटी की चिंता सता रही है। उन्होंने बताया कि 95 प्रतिशत फसलें बर्बाद हो गई है। क्षेत्र के किसान शिवराज सिंह अलचौनी, ललित कुमार, जर्नादन भट्ट, चंद्र बल्लभ, अंबा दत्त तिवारी, गिरीश उप्रेती, गिरीश तिवारी, गोपाल तिवारी, मोहन जोशी, राकेश शर्मा, शिवदत्त भट्ट, हरीनंदन भट्ट ने सर्व कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग जिला उद्यान अधिकारी से की है।