सोमवार को अचानक मौसम ने करवट बदली। दोपहर बाद बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, लालमाटी, नीती व माणा घाटियों में व उधर केदारनाथ धाम में बर्फबारी हुई। केदारनाथ धाम में करीब एक घंटे तक बर्फबारी होने से करीब एक से डेढ़ इंच तक बर्फ जम गई है। वहीं निचले इलाकों में बारिश होने से जंगलों में भड़की आग बुझ गई है। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से निचले इलाकों में ठंड बढ़ गई है। वहीं, यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत समुद्र सतह से तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई।
गंगोत्री धाम में बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के कारण गंगा भागीरथी के घाट पर चल रहा निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। चमोली जिले में जोशीमठ में जमकर बारिश हुई। बारिश होने से मंडल घाटी के जंगलों में भड़की आग भी बुझ गई है। पोखरी, घाट, नंदप्रयाग, पीपलकोटी क्षेत्रों में भी बारिश हुई। वहीं जिले के कर्णप्रयाग, सिमली, नौटी, नंदासैंण, देवाल, थराली, नारायणबगड़, गैरसैंण, आदिबदरी, लंगासू, नौली, बगोली, बेनीताल में भी बूंदाबांदी हुई। थराली में भी बारिश होने से ठंड बढ़ गई। उधर, रुद्रप्रयाग जिले में भी दोपहर बाद बारिश होने से ठंड बढ़ गई है।
उधर, टिहरी में सोमवार शाम को कहीं हल्की बारिश तो कहीं बूंदाबांदी होने से जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं जंगलों की आग बुझ गई है। रविवार को जहां नई टिहरी का अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री था। हल्की बारिश होने के बाद सोमवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
वहीं, श्रीनगर में शाम लगभग सवा पांच बजे से 20 मिनट के लिए बारिश हुई, जिससे जंगलों में लगी आग बुझ गई। वहीं देवप्रयाग में तेज हवा से रोड कटिंग का मलबा घाटी में फैल गया।
उत्तरकाशी जिले में सोमवार सुबह जिला मुख्यालय समेत घाटी वाले क्षेत्रों में आसमान में बादल छाने के साथ ही दोपहर में तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर बारिश हुई। मौसम में आए बदलाव से जिले में तापमान में खासी गिरावट आ गई है। सोमवार को जिला मुख्यालय क्षेत्र में अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत बर्फबारी वाले इलाकों में अधिकतम सात डिग्री और न्यूनतम एक डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम ने कुमाऊं भर में सोमवार दोपहर अचानक करवट बदल ली। चोटियों पर हिमपात हुआ, पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश, ओलावृष्टि हुई तो मैदानी क्षेत्रों में अंधड़ आया। रानीखेत मे ओले भी गिरे। बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे।
लंबे समय से लोगों को बारिश का इंतजार था। बारिश न होने से गांवों में जल स्रोत सूखने के कगार पर हैं, जिससे पेयजल योजनाओं से पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। सोमवार को बारिश, बर्फबारी से लोगों को उम्मीद जगी। अल्मोड़ा जिले के चौबटिया क्षेत्र में करीब 15 मिनट तक झमाझम बारिश हुई। रानीखेत में ओले भी गिरे। इसके बाद देर शाम तक रुक रुककर बारिश होती रही। तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इधर, बागेश्वर, गरुड़ में आंधी के साथ बूंदाबांदी हुई। कौसानी और ग्वालदम में भी हल्की बारिश हुई। उधर, कपकोट के उच्च हिमालयी इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई।
पिथौरागढ़ में भी सोमवार सुबह मौसम सामान्य था। दिन में तेज धूप रही। दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए। इसके बाद तेज चमक और गरज के साथ बारिश हुई। डीडीहाट में एक घंटे तक बारिश का क्रम जारी रहा। धारचूला में भी तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई। बंगापानी, मुनस्यारी, कनालीछीना सहित अन्य हिस्सों में भी हल्की बारिश हुई। नैनीताल और चंपावत के पर्वतीय क्षेत्रों में भी बारिश हुई, जबकि मैदानी क्षेत्रों और तराई में तेज हवाएं चलीं। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।